चीन के बीजिंग में रहने वाले इस एथलीट ने भारोत्तोलन की दुनिया में एक महत्वपूर्ण छाप छोड़ी है। उन्होंने अपनी यात्रा की शुरुआत वर्ष 2000 में 11 वर्ष की आयु में चीन के जनवादी गणराज्य के नानपिंग से की थी। नानपिंग खेल विद्यालय के एक कोच द्वारा खोजे जाने के बाद, उन्होंने खेल में जल्दी ही अपनी प्रतिभा दिखानी शुरू कर दी।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Men's 56kg | S रजत |
वह चीन में पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) क्लब का प्रतिनिधित्व करते हैं। उनके राष्ट्रीय कोच, यू जिए, ने विभिन्न प्रतियोगिताओं के दौरान उनका मार्गदर्शन करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने 2007 में विश्व कप में चीन का प्रतिनिधित्व करते हुए अपना अंतर्राष्ट्रीय डेब्यू किया। इसने वैश्विक मंच पर उनकी यात्रा की शुरुआत को चिह्नित किया।
उनकी सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक 2012 के लंदन ओलंपिक खेलों में रजत पदक जीतना है। यह उपलब्धि उनके करियर में एक उल्लेखनीय क्षण के रूप में सामने आई है।
उनके करियर में सबसे प्रभावशाली व्यक्ति उनके पिता रहे हैं। इसके अतिरिक्त, वे तुर्की के भारोत्तोलक हलील मुतलू को अपना आदर्श मानते हैं।
भारोत्तोलन के अलावा, उन्हें फोटोग्राफी और संगीत का शौक है। ये शौक उनके कठोर प्रशिक्षण कार्यक्रम के लिए संतुलन प्रदान करते हैं।
अपने करियर के दौरान, उन्हें कई चोटों का सामना करना पड़ा, जिसमें हाथ और कूल्हे की समस्याएं शामिल हैं। इन चुनौतियों के बावजूद, वे उच्च स्तर पर प्रतिस्पर्धा करना जारी रखते हैं।
जुलाई 2024 तक, उनकी योजना प्रतिस्पर्धा जारी रखने की है और आगामी अंतर्राष्ट्रीय आयोजनों में भाग लेने का लक्ष्य है। खेल के प्रति उनका समर्पण अटूट बना हुआ है क्योंकि वे भविष्य की प्रतियोगिताओं की ओर देख रहे हैं।
कम उम्र में खोजे जाने से लेकर अंतरराष्ट्रीय सफलता हासिल करने तक इस एथलीट की यात्रा उनकी कड़ी मेहनत और दृढ़ संकल्प का प्रमाण है। उनकी कहानी दुनिया भर के कई आकांक्षी भारोत्तोलकों को प्रेरित करती रहती है।