राष्ट्रमंडल खेल : हवा की गुणवत्ता की जांच में मदद करेंगे स्कूली छात्र
नई दिल्ली, 10 जनवरी (आईएएनएस)। दिल्ली के सरकारी स्कूलों के 1000 बच्चे 3 से 14 अक्टूबर के बीच होने वाले राष्ट्रमंडल खेलों के लिए आयोजन स्थलों के आसपास की हवा की गुणवत्ता की जांच में आयोजकों की मदद करेंगे।
इसके लिए छात्रों को फरवरी में 10 दिनों तक आयोजन स्थलों के करीब से गुजरने वाले वाहनों से निकलने वाले अवशिष्ट पदार्थो की जांच करनी होगी। उनके द्वारा जुटाए गए आंकडों के आधार पर पुणे की एक संस्था आयोजन स्थलों पर हवा की गुणवत्ता को सही स्तर पर लाने का काम करेगी।
पुणे की संस्था-इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ ट्रॉपिकल मेट्रोलॉजी (आईआईटीएम) ने एक ऐसी तकनीक विकसित की है, जिसके जरिए खेलों के दौरान हवा की गुणवत्ता को बेहतर किया जा सकेगा। हवा की गुणवत्ता की जांच के लिए आईआईटीएम ने स्कूली छात्रों को 'क्लिक काउंटर' नाम का एक यंत्र देने का फैसला किया है।
आईआईटीएम के वायु प्रदूषण भविष्यवाणी और शोध विभाग के वैज्ञानिक गुरफान बेग ने आईएएनएस को बताया, "हवा की गुणवत्ता के प्रबंधन के लिए यह जानना जरूरी है कि आयोजन स्थलों के करीब से प्रतिदिन कितने वाहन गुजरते हैं। इसके लिए हमने छात्रों के एक यंत्र देने का फैसला किया है, जिसकी मदद से वे तमाम आंकड़े जमा कर सकेंगे।"
राष्ट्रमंडल खेलों में हिस्सा लेने वाले जिन एथलीटों ने हवा की गुणवत्ता को लेकर चिंता जाहिर की थी, अब वे यह जानकर खुश होंगे कि उनके राष्ट्रीय राजधानी पहुंचने तक आईआईटीएम की मदद से यहां की आबो-हवा में काफी हद तक बदलाव आ जाएगा। आयोजन समिति ने भी कहा है कि वह खेलों से पहले राजधानी में प्रदूषण के स्तर को कम करने के लिए कृतसंकल्प है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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