इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए दिन के पहले मुकाबले की समाप्ति के साथ मैदान में दर्शकों की तादाद में इजाफा देखने को मिला है लेकिन रविवार को खेले गए भारत-पाकिस्तान मैच वाला रोमांचक माहौल तैयार होता नहीं दिख रहा है।
मंगलवार को इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका के बीच खेले गए पूल-बी के पहले मैच के शुरू होने तक मैदान में करीब 100 के करीब दर्शक ही मौजूद थे जबकि विश्व कप के उद्घाटन के दिन हुए भारत-पाकिस्तान मुकाबले में 16,000 दर्शकों ने मैदान में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई थी।
इंग्लैंड-दक्षिण अफ्रीका मुकाबला शुरू होने तक नेशनल स्टेडियम में करीब 10 ब्रिटिश और इतने ही दक्षिण अफ्रीकी प्रशंसक नजर आए। मीडिया, आयोजकों और सुरक्षाकर्मियों को छोड़ दिया जाए तो मैच देखने के लिए स्टेडियम में आने वाले दर्शकों की संख्या नहीं के बराबर थी।
पाकिस्तान और स्पेन के बीच खेले जाने वाली दिन के दूसरे मुकाबले के शुरू होने तक दर्शकों की संख्या कुछ हजार में पहुंची लेकिन पाकिस्तानी समर्थकों की गैरमौजूदगी के कारण मैदान सूना-सूना लगा। खासकर वह कोना काफी सूना-सूना लगा, जहां बैठकर पाकिस्तानी समर्थकों ने भारत के खिलाफ अपनी टीम की हौसलाअफजाई की थी।
सोमवार को पूल-ए के मुकाबले खेले गए थे लेकिन होली के कारण दर्शक यहां नहीं पहुंचे। वैसे दर्शकों को मैदान में आने से रोकने वाली एक सबसे बड़ी वजह यह है कि उन्हें इस बात की सही जानकारी नहीं कि टिकट कहां से और कैसे प्राप्त किया जाए।
इसके अलावा सुरक्षा की तीन स्तरीय व्यवस्था के कारण भी दर्शक मैदान में आने से हिचकिचा रहे हैं। इसका कारण यह है कि उन्हें मैदान में किसी प्रकार का धातु, मसलन सिक्के, पेन, कैमरे या फिर किसी प्रकार की धारदार सामग्री ले आने की मनाही है।
दिन के तीसरे मुकाबले के शुरू होने तक मैदान में बड़ी संख्या में भारतीय प्रशंसकों के पहुंचने की उम्मीद है। भारत-आस्ट्रेलिया मैच को 'दोस्ताना मैच' का नाम दिया गया।
भारत और आस्ट्रेलिया की टीमें पूल-बी में हैं। भारत ने रविवार को पाकिस्तान को 4-1 से हराकर अपने अभियान की शानदार शुरुआत की है जबकि आस्ट्रेलिया को इंग्लैंड के हाथों हार का सामना करना पड़ा था। रविवार को पूल-बी में स्पेन ने दक्षिण अफ्रीका को पराजित किया था।
पूल-बी में इंग्लैंड, भारत और स्पेन की टीमें 3-3 अंकों के साथ पहले स्थान पर हैं जबकि आस्ट्रेलिया, दक्षिण अफ्रीका और पाकिस्तान का खाता अभी नहीं खुल सका है।
भारत के लिए अपना दूसरा पूल मैच काफी महत्वपूर्ण होगा क्योंकि इस मैच को जीतकर नॉकआउट दौर में पहुंचने की अपनी उम्मीदों को और मजबूती दे सकती है।
भारत-आस्ट्रेलिया मैच को अजीत पाल-रिक चार्ल्सवर्थ ट्रॉफी नाम दिया गया है। अजीत पाल सिंह 1975 में विश्व कप जीतने वाली भारतीय टीम के कप्तान रहे हैं जबकि चार्ल्सवर्थ आस्ट्रेलियाई हॉकी के दिग्गज हैं।
चार्ल्सवर्थ थोड़े समय के लिए भारतीय हॉकी टीम के कोच भी रहे हैं। वह मौजूदा आस्ट्रेलियाई टीम के कोच हैं। चाल्सवर्थ की कप्तानी में आस्ट्रेलियाई टीम ने 1986 में हॉकी विश्व कप जीता था।
इस मैच के लिए आस्ट्रेलिया के विदेश सचिव स्टीफन स्मिथ और भारत के मानव संसाधन विकास मंत्री कपिल सिब्बल के भी मंगलवार शाम को नेशनल स्टेडियम में पहुंचने की उम्मीद है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।