मीरपुर (बांग्लादेश), 13 जनवरी (आईएएनएस)। शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में बुधवार को खेले गए एकदिवसीय त्रिकोणीय श्रृंखला के खिताबी मुकाबले में श्रीलंका ने भारत को चार विकेट से पराजित कर दिया। इसके साथ ही तीन देशों के बीच खेली गई इस श्रृंखला पर श्रीलंका ने अपना कब्जा जमा लिया।
भारत की ओर से रखे गए 246 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी श्रीलंकाई टीम ने माहेला जयवर्धने, कप्तान कुमार संगकारा और सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान की उपयोगी पारियों की बदौलत नौ गेंदे शेष रहते चार विकेट से जीत दर्ज की। नुआन कुलसेकरा को उनकी शानदार गेंदबाजी के लिए मैन ऑफ द मैच के पुरस्कार से नवाजा गया जबकि संगकारा को पूरी श्रृंखला में शानदार प्रदर्शन करने के लिए मैन ऑफ द सीरिज चुना गया।
हार के बाद भारतीय कप्तान महेंद्र सिंह धौनी ने कहा, "हमारे बल्लेबाजों का शाट चयन अच्छा नहीं था। सुरेश रैना और रवींद्र जडेजा को धन्यवाद दूंगा कि उन्होंने एक सम्मानजनक स्कोर तक हमें पहुंचाया, जिसका हमने मुकाबला किया। हमें आशीष नेहरा के चोटिल होने का खामियाजा भुगतना पड़ा। वह घायल न होते तो हम और कड़ा मुकाबला करते। हमारे गेंदबाज फार्म में लौट रहे हैं, यह टीम के लिए अच्छा संकेत है।"
जीत के बाद संगकारा ने कहा, "मैं हमेशा से कहता हूं कि हमारी टीम में कई मैच जिताऊ खिलाड़ी हैं। आज भी यही देखने को मिला। हर किसी ने शानदार प्रदर्शन किया। हमारी शुरुआत अच्छी हुई। सारा श्रेय गेंदबाजों को जाता है।"
श्रीलंका ने अपना खाता खुलने से पहले ही सलामी बल्लेबाज उपुल थरंगा का विकेट गंवा दिया। थरंगा तीन गेंदों का सामना करने के बाद आशीष नेहरा की गेंद पर विराट कोहली के हाथों लपके गए।
शानदार लय में दिख रहे सलामी बल्लेबाज तिलकरत्ने दिलशान के रूप में श्रीलंका ने अपना दूसरा विकेट गंवाया। दिलशान ने कप्तान कुमार संगकारा के साथ दूसरे विकेट के लिए 93 रनों की साझेदारी की। उन्होंने 54 गेंदों पर आठ चौकों की मदद से 49 रन बनाकर युवराज सिंह की गेंद पर कप्तान महेंद्र सिंह धौनी के हाथों विकेट के पीछे लपके गए।
संगकारा के रूप में श्रीलंका को तीसरा झटका लगा। वह 55 रन बनाकर 109 रन के कुल योग पर पेवेलियन लौटे। समरवीरा के रूप में श्रीलंका का चौथा और काडाम्बी के रूप में पांचवा तथा सूरज रांडीव के रूप में छठा विकेट गिरा।
इस दौरान एक छोर पर संभल कर बल्लेबाजी कर रहे जयवर्धने ने नाबाद रहते 71 रनों की पारी खेली और अपनी टीम को श्रृंखला जीताने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने 81 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए।
इससे पहले, टॉस हारने के बाद पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने 48.2 ओवर में 245 रन बनाए। 10 चौकों और एक छक्के की मदद से 106 रन बनाने वाले सुरेश रैना के अलावा सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने 27 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 42 और रवींद्र जडेजा ने 38 रनों का योगदान दिया।
जडेजा और रैना के बीच छठे विकेट के लिए 106 रनों की बहुमूल्य साझेदारी हुई। एक समय भारतीय टीम ने 60 रन के कुल योग पर पांच विकेट गंवा दिए थे लेकिन उसके बाद रैना और जडेजा ने शानदार साझेदारी करके टीम को सम्मानजनक योग तक पहुंचाया।
श्रीलंका की ओर से नुवान कुलसेकरा ने चार विकेट झटके जबकि चनाका वेलेगेदारा ने तीन सफलता अर्जित की। इसके अलावा सूरज रांडीव, थिसिरा परेरा तथा तिलकरत्ने दिलशान को भी एक-एक विकेट मिला।
भारत ने रवींद्र जडेजा के रूप में अपना छठा विकेट गंवाया और फिर 213 रन के कुल योग पर हरभजन सिंह भी पेवेलियन लौट गए। जडेजा 38 रन बनाकर पेवेलियन लौटे। जडेजा का विकेट 166 रन के कुल योग पर गिरा। उन्होंने 64 गेंदों का सामना किया।
वीरेंद्र सहवाग का विकेट गिरने के बाद बल्लेबाजी के लिए आए जडेजा ने जबरदस्त इच्छाशक्ति का प्रदर्शन करते हुए रैना के साथ छठे विकेट के लिए 106 रन जोड़े। हरभजन ने 11 रन बनाए। हरभजन के विदा होने के बाद जहीर खान (16) ने कुछ आकर्षक शॉट लगाए लेकिन वह ज्यादा देर तक नहीं टिक सके। शांताकुमारन श्रीसंत 49वें ओवर में चार बनाकर अंतिम विकेट के तौर पर पेवेलियन लौटे। आशीष नेहरा दो रन बनाकर नाबाद लौटे।
भारतीय टीम ने 47 रन के कुल योग पर सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर, शानदार फार्म में चल रहे विराट कोहली, युवराज सिंह और कप्तान महेंद्र सिंह धौैनी के विकेट गंवा दिए थे। सहवाग 27 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 42 रन बनाकर नुवान कुलसेकरा की गेंद पर कुमार संगकारा के हाथों लपके गए। उस समय भारत का कुल योग 60 रन था।
गंभीर एक रन के कुल योग पर कुलसेकरा की गेंद पर बोल्ड हुए जबकि कोहली का विकेट चार रन के कुल योग पर गिरा। गंभीर खाता भी नहीं खोल सके जबकि पिछले मैच में शतक लगाने वाले कोहली सिर्फ दो रन बना सके।
कोहली का विकेट चनाका वेलेगेदारा के खाते में गया। युवराज का विकेट 16 रन के कुल योग पर गिरा। वह भी बिना कोई रन बनाए पेवेलियन लौटे। धौनी 19 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 14 रन बनाकर कुलसेकरा की गेंद पर संगकारा के हाथों आउट हुए। धौनी का विकेट 47 रन के कुल योग पर गिरा।
भारतीय टीम में सहवाग, जहीर खान और हरभजन सिंह की वापसी हुई है जबकि दिनेश कार्तिक, अमित मिश्रा और सुदीप त्यागी को बाहर बैठना पड़ा है। दूसरी ओर, श्रीलंकाई टीम ने एक परिवर्तन किया है। सुरंग लकमल के स्थान पर तेज गेंदबाज कुलसेकरा को अंतिम-11 में जगह दी गई थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
*