खेल की समाप्ति तक भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में एक विकेट के नुकसान पर 122 रन बनाए थे। भारतीय टीम को पहली पारी के आधार पर एक रन की बढ़त मिली है। इस तरह उसकी कुल बढ़त 123 रनों की हो गई है।
सलामी बल्लेबाज गौतम गंभीर 56 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 47 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि नाइटवॉचमैन अमित मिश्रा ने ताबड़तोड़ अंदाज में खेलते हुए 21 गेंदों पर पांच चौकों की मदद से 24 रन बनाए हैं।
लगातार तीसरे दिन कम रोशनी के कारण खेल निर्घारित समय से पहले रोकना पड़ा है। मैच के दूसरे दिन कम रोशनी के कारण सिर्फ 25 ओवरों का खेल संभव हो सका था। इस दिन मैच में दो बार बाधा पड़ी। पहले दिन का खेल लगभग डेढ़ घंटे पहले खत्म कर दिया गया था।
बहरहाल, भारतीय टीम ने अपनी दूसरी पारी में 90 रन के कुल योग पर सलामी बल्लेबाज और कार्यकारी कप्तान वीरेंद्र सहवाग का विकेट गंवा दिया। सहवाग 58 गेंदों पर चार चौकों और एक छक्के की मदद से 45 रन बनाकर मेजबान कप्तान सकीबुल हसन की गेंद पर रकीबुल हसन के हाथों लपके गए।
मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर (105 नाबाद) के करियर के 44वें टेस्ट शतक की बदौलत भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 243 रन बनाए थे जबकि मेजबान टीम की पहली पारी मैच के तीसरे दिन 242 रनों पर सिमट गई। पहली पारी में सहवाग ने भी 52 रनों का योगदान दिया था।
इससे पहले, बांग्लादेश को दूसरे दिन के स्कोर तीन विकेट पर 59 रनों से आगे खेलते हुए तीसरे दिन पहला झटका मोहम्मद अशरफुल के रूप में लगा। वह दो रनों के निजी स्कोर पर ईशांत शर्मा का शिकार बने।
अशरफुल के आउट होने के बाद कप्तान सकीबुल ने विकेट पर टिकने का काफी प्रयास किया लेकिन अहम पड़ाव पर वह भी जहीर खान की गेंद पर चकमा खा गए और 17 रनों के निजी स्कोर पर सहवाग को कैच थमा बैठे।
इन दोनों खिलाड़ियों के आउट होने के बाद रकीबुल हसन भी कुछ खास नहीं कर सके। उन्हें शांताकुमारन श्रीसंत ने 17 रनों के निजी स्कोर पर चलता किया। भोजनकाल के बाद महमुदुल्लाह और मुश्फिकुर रहीम ने भारतीय गेंदबाजों को कोई मौका नहीं दिया। महमुदुल्लाह और मुश्फिकुर ने बांग्लादेशी पारी को संभला।
दोनों के बीच सातवें विकेट के लिए 108 रनों की साझेदारी हुई। महमुदुल्लाह ने 69 और मुश्फिकुर ने 44 रन बनाए। भारत की ओर से अनुभवी तेज जहीर खान और मिश्रा ने तीन-तीन विकेट लिए जबकि ईशांत शर्मा और श्रीसंत ने दो-दो विकेट चटकाए।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।