नागपुर टेस्ट : मुरली और तेंदुलकर ने नहीं होने दिया और नुकसान (लीड-9)
दिन की समाप्ति तक मुरली 68 गेंदों पर चार चौकों की मदद से 27 रन बनाकर नाबाद लौटे जबकि तेंदुलकर ने 48 गेंदों पर दो चौकों की मदद से 15 रन बनाए थे। भारत पर अभी भी पारी की हार का संकट मंडरा रहा है क्योंकि वह दक्षिण अफ्रीका की पहली पारी के स्कोर 6 विकेट पर 558 (घोषित) से अब भी 259 रन पीछे है।
भारत ने अब तक दूसरी पारी में सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग (16) और गौतम गंभीर (1) के विकेट गंवाए हैं। पहली पारी में शतक लगाने वाले सहवाग 24 रन के कुल योग पर पेवेलियन लौटे। उन्होंने अपनी 19 गेंदों की पारी में चार चौके लगाए।
सहवाग ने पहली पारी में 109 रन बनाकर भारतीय टीम को संकट से निकालने का प्रयास किया था। गंभीर एक रन बनाकर मोर्न मोर्कल की गेंद पर बोल्ड होकर पेवेलियन लौटे। उस समय टीम का कुल योग एक रन था।
इससे पहले, तेज गेंदबाज डेल स्टेन (51/7) की शानदार गेंदबाजी की बदौलत दक्षिण अफ्रीका ने भारत की पहली पारी 233 रनों पर समेट दी थी। सहवाग (109) के करियर के 18वें शतक और अपना पहला टेस्ट खेल रहे तमिलनाडु के बल्लेबाज एस. बद्रीनाथ (56) के अर्धशतक के बावजूद भारतीय टीम फॉलोऑन नहीं बचा सकी।
चायकाल तक भारतीय टीम ने चार विकेट के नुकसान पर 221 रन बनाए थे जबकि उसके अगले छह विकेट मात्र 12 रन के अंतर पर गिर गए। चायकाल के बाद पहला विकेट धौनी का गिरा, जो 221 रन के कुल योग पर पेवेलियन लौटे। इसके बाद इसी योग पर बद्रीनाथ भी आउट हो गए। उन्होंने 139 गेंदों पर सात चौकों की मदद से 56 रन बनाए।
अपना पहला टेस्ट खेल रहे बंगाल के विकेटकीपर बल्लेबाज वृद्धिमान साहा (0) को भी पेवेलियन लौटने में देर नहीं लगी। साहा 222 रन के कुल योग पर आउट हुए। साहा के विदा होने के बाद 226 रन के कुल योग पर जहीर खान (2) भी आउट हो गए। इसके बाद स्टेन ने हरभजन सिंह (8) और अमित मिश्रा (0) को आउट कर भारतीय पारी समेट दी।
भारतीय टीम ने सहवाग के रूप में अपना चौथा विकेट गंवाया था। सहवाग 139 गेंदों पर 15 चौकों की मदद से 109 रन बनाने के बाद वायने पार्नेल की गेंद पर आउट हुए थे। अपने करियर का 18वां और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ चौथा शतक लगाने वाले सहवाग का विकेट 192 रन पर गिरा। सहवाग ने बद्रीनाथ के साथ चौथे विकेट के लिए 136 रन जोड़े।
दूसरे दिन के अपने स्कोर बिना कोई विकेट गंवाए 25 रन से आगे खेलते हुए भारतीय टीम ने पहले सत्र में ही तीन महत्वपूर्ण विकेट गंवा दिए थे। स्टेन और मोर्न मोर्कल ने शानदार गेंदबाजी करते हुए गंभीर (12), मुरली (4) और तेंदुलकर (7) को चलता किया था।
गंभीर मोर्कल की गेंद पर विकेट के पीछे मार्क बाउचर के हाथों लपके गए जबकि विजय को स्टेन ने अपनी एक शानदार इनकटर गेंद पर बोल्ड किया। तेंदुलकर को भी स्टेन ने विकेट के पीछे कैच कराया था।
56 रन के कुल योग पर तीन विकेट गिरने के बाद भारतीय टीम भारी संकट में आ गई थी लेकिन उसके बाद बद्रीनाथ और सहवाग ने चौथे विकेट के लिए 136 रन जोड़कर काफी हद तक अपनी टीम को मुश्किल से उबारने के काम किया था।
दक्षिण अफ्रीका ने हाशिम अमला (नाबाद 253) के करियर के पहले दोहरे शतक की बदौलत विशाल स्कोर खड़ा किया। दक्षिण अफ्रीकी टीम के लिए जैक्स कैलिस ने भी 173 रनों की शानदार पारी खेली। कैलिस ने अपने करियर का 34वां शतक लगाते हुए सुनील गावस्कर की बराबरी की थी।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।
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