दुबई में शनिवार को इंग्लैंड के साथ खेले गए ट्वेंटी-20 मुकाबले में 18 गेंदों पर 46 रनों की तूफानी पारी खेलकर पाकिस्तानी टीम की जीत पक्की करने वाले रज्जाक ने कहा कि अशरफ ने उनका करियर खत्म करने के लिए अपने स्तर पर सभी तरह के प्रयास किए थे।
रज्जाक ने कहा कि न जाने क्यों अशरफ उन्हें नापसंद करते थे और यही कारण है कि उन्होंने चयनकर्ताओं पर उन्हें टीम से निकालने का दबाव भी डाला था।
बकौल रज्जाक, "मैं टीम में अपने खराब खेल के कारण नहीं बल्कि अशरफ के कारण नहीं था। अध्यक्ष बनने के साथ अशरफ ने मुझे निकालने की कसम खा ली थी और इस काम में वह कई बार सफल भी हुए।"
इंडियन क्रिकेट लीग के साथ संबंध जोड़ने के कारण पीसीबी ने रज्जाक पर एक वर्ष का प्रतिबंध लगा दिया था लेकिन रज्जाक ने इस बागी लीग का दामन छोड़कर पिछले वर्ष अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शानदार वापसी की। उन्होंने अपने शानदार खेल की बदौलत इंग्लैंड को पिछले वर्ष जून में ट्वेंटी-20 विश्व कप खिताब जिताने में अहम भूमिका निभाई थी।
रज्जाक को उम्मीद है कि पाकिस्तानी टीम इस वर्ष वेस्टइंडीज में खेले जाने वाले ट्वेंटी-20 विश्व कप में अपने खिताब की रक्षा करने में सफल रहेगी।
बकौल रज्जाक, "हमारी टीम में कोई कमजोरी नहीं है। मोहम्मद आमेर जैसे खिलाड़ी जब स्वस्थ होकर टीम में लौट आएंगे, तब हमारे पास नए और अनुभवी खिलाड़ियों का अच्छा मिश्रण होगा। हमारा संतुलन काफी अच्छा है। ट्वेंटी-20 के लिहाज से हमारी टीम काफी ताकतवर है और मुझे आशा है कि हम खिताब की रक्षा करने में सफल रहेंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।