रोबक ने आस्ट्रेलिया के समाचार पत्र 'सिडनी मार्निग हेराल्ड' में शुक्रवार को प्रकाशित अपने लेख में लिखा है कि ग्वालियर में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ एकदिवसीय मैच में दोहरा शतक लगाकर तेंदुलकर ने साबित कर दिया है कि वह पिछले 60 वर्षो में क्रिकेट जगत में जलवा बिखेरने वाले सबसे महान बल्लेबाज हैं।
रोबक लिखते हैं, "20 वर्ष के अंतर्राष्ट्रीय करियर के दौरान करोड़ों क्रिकेट प्रेमियों की उम्मीदों को ढोने वाले तेंदुलकर आज भी शारीरिक और मानसिक तौर पर इतने सक्षम हैं कि वह 50 ओवरों तक बल्लेबाजी कर सकते हैं। यह इस खेल के प्रति उनके प्यार और लगाव के कारण ही संभव हो सका है। मेरी नजर में वह आधुनिक युग के सबसे महान बल्लेबाज हैं।"
रोबक लिखते हैं कि तेंदुलकर के दोहरे शतक की महानता इस बात में है कि उन्होंने किसी कमजोर टीम के खिलाफ नहीं बल्कि दक्षिण अफ्रीकी टीम की सशक्त आक्रमण पंक्ति के खिलाफ यह पारी खेली है।
बकौल रोबक, "तेंदुलकर ने बिल्कुल उसी अंदाज में दक्षिण अफ्रीकी आक्रमण पंक्ति को धता बताया, जिस अंदाज में वह 20 वर्ष पहले शिवाजी पार्क में क्लब टीमों को बताया करते थे। उनकी पारी में कलात्मकता, प्रबंधन और सुंदरता का शानदार मिश्रण था। वह क्रिकेट के सच्चे महानायक हैं।"
रोबक लिखते हैं कि विवियन रिचर्डस से लेकर सुनील गावस्कर और ब्रायन लारा से लेकर जैक्स कैलिस और रिकी पोंटिंग तक, तेंदुलकर की बराबरी कोई नहीं कर सकता। रोबक के मुताबिक, "तुलना करना अलग बात है लेकिन अगर आप सीधे-सीधे और बिना किसी विवाद को मन में रखकर सोचें तो आपके सामने एक ही बल्लेबाज का चेहरा घूमेगा और वह निसंदेह तेंदुलकर होंगे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।