मेजबान टीम की ओर से मध्यक्रम के बल्लेबाज मुश्फिकुर रहीम (101) ने करियर का पहला टेस्ट शतक लगाकर भारतीय गेंदबाजों की भरपूर परीक्षा ली लेकिन अंतत: जीत भारतीय टीम की हुई। मैच के पांचवें दिन गुरुवार को 415 रनों के लक्ष्य का पीछा करते हुए बांग्लादेश के सभी बल्लेबाज 301 रन बनाकर पेवेलियन लौट गए।
मास्टर ब्लास्ट सचिन तेंदुलकर (105 नाबाद) के शतक की बदौलत भारतीय टीम ने अपनी पहली पारी में 243 रन बनाए थे जबकि मेजबान टीम की पहली पारी 242 रनों पर सिमट गई थी। पहली पारी के आधार पर भारत को एक रन की बढ़त मिली थी।
पहली पारी में सहवाग ने भी 52 रनों का योगदान दिया था। भारत ने अपनी दूसरी पारी आठ विकेट पर 413 रनों पर घोषित कर दी थी। सहवाग ने दूसरी पारी में भी 45 रन बनाए थे जबकि गौतम गंभीर ने अपने करियर का नौवां शतक लगाते हुए 116 रनों की नायाब पारी खेली। इसके अलावा वी.वी.एस. लक्ष्मण ने नाबाद 69 और मिश्रा ने 50 रन बनाए थे।
बहरहाल, 21 वर्ष के मुश्फिकुर ने अपनी 114 गेंदों की तेज पारी के दौरान 17 चौके और एक छक्का लगाया। उनके अलावा सलामी बल्लेबाज तमीम इकबाल ने भी 122 गेंदों का सामना करते हुए छह चौकों की मदद से 52 रनों का योगदान दिया। भारत की ओर से जहीर खान को भी दो सफलता मिली जबकि कार्यकारी कप्तान सहवाग ने एक विकेट हासिल किया।
चौथे दिन का खेल खत्म होने तक दो विकेट खोकर 67 रन बनाने वाली मेजबान टीम ने 75.2 ओवर तक बल्लेबाजी की। चौथे दिन तमीम 23 और मोहम्मद अशरफुल 16 रन बनाकर नाबाद लौटे थे। अशरफुल 27 रन बनाकर पांचवें दिन के पहले विकेट के रूप में पेवेलियन लौटे।
इसके बाद मेजबान टीम ने रकीबुल हसन (13), कप्तान सकीबुल हसन (17), महमुदुल्लाह (20), शहादत हुसैन (24) और शैफुल इस्लाम (8) के विकेट गंवाए। रुबेल हुसैन चार रन पर नाबाद रहे। मेजबान टीम ने मुश्फिकुर के रूप में अपना अंतिम विकेट गंवाया। मुश्फिकुर ने काफी हद तक भारतीय टीम को निराश किया लेकिन मिश्रा की गेंद पर उनकी जांबाज पारी का अंत हुआ। मुश्फिकुर के रूप में मेजबान टीम का अंतिम विकेट गिरा।
तेंदुलकर को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। तेंदुलकर के लिए यह मैच खास तौर पर यादगार रहा क्योंकि उन्होंने अपनी शतकीय पारी के दौरान टेस्ट मैचो में 13000 रन पूरे किए थे। तेंदुलकर ने पहली बारी में नाबाद रहते हुए अपने करियर के 44वां टेस्ट शतक लगाया था।
इस बीच, टीम प्रबंधन ने कहा है कि दूसरी पारी में 69 रनों की नाबाद पारी खेलकर भारतीय पारी को मजबूती प्रदान करने वाले कलात्मक बल्लेबाज वी.वी.एस. लक्ष्मण अंगुली में लगी चोट के कारण इस श्रृंखला से बाहर हो गए हैं।
दूसरा और अंतिम टेस्ट मैच 24 जनवरी से राजधानी ढाका के करीब मीरपुर स्थित शेर-ए-बांग्ला स्टेडियम में खेला जाना है। वेबसाइट 'क्रिकइंफो डॉट कॉम' के मुताबिक टीम प्रबंधन ने कहा है कि लक्ष्मण शुक्रवार को स्वदेश लौट जाएंगे और उनके स्थान पर किसी अन्य खिलाड़ी को टीम में शामिल नहीं किया जाएगा। लक्ष्मण ने दूसरी पारी में नाबाद 69 रन बनाए थे।
भारतीय टीम के प्रबंधक अरशद अयूब ने कहा, "लक्ष्मण को मैच के चौथे दिन बांग्लादेश के बल्लेबाज शहरयार नफीस का कैच लेते वक्त चोट लगी थी। वह कैच नहीं लपक सके थे। लक्ष्मण को अपनी अंगुली में दस टांके लगवाने पड़े थे।"
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।