महिला हॉकी खिलाड़ियों को वाजिब हक से कम कुछ भी मंजूर नहीं

By Staff

महिला खिलाड़ियोंे ने हॉकी इंडिया (एचआई) की ओर से भुगतान मिलने पर ही बांह पर बंधी काली पट्टी हटाने का निर्णय लिया है। इन खिलाड़ियोंे ने शुक्रवार को भी अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखा। खिलाड़ियों ने सुबह और शाम के सत्र में अभ्यास किया, लेकिन उनकी बांह पर पट्टी बंधी ही रही।

टीम की वरिष्ठ सदस्य और पूर्व कप्तान ममता खरब ने मध्य प्रदेश सरकार द्वारा एक करोड़ रुपए की मदद देने के सवाल पर आईएएनएस से चर्चा करते हुए कहा कि शिवराज सिंह चौहान तो पहले से ही उनके साथ हैं और उन्होंने एक करोड़ रुपए देकर अपना खेल प्रेम जाहिर कर दिया है।

खरब का कहना है कि चौहान ने यह राशि महिला हॉकी को प्रोत्साहित करने के लिए दी है जबकि उनकी लड़ाई अपना हक पाने के लिए है, जो उन्हें हॉकी इंडिया से चाहिए। बकौल खरब, "हमारा हक तीन लाख रुपए प्रति व्यक्ति बनता है। हमें यह राशि हॉकी इंडिया से ही चाहिए। जब तक हमें यह राशि नहीं मिल जाती, हमारा विरोध जारी रहेगा।"

खरब के अनुसार खेल मंत्री एम.एस. गिल ने शुक्रवार को खिलाड़ियों से बात की है। उन्होंने महिला हॉकी से जुड़ी समस्याओं का ब्योरा मांगा है। गिल के हस्तक्षेप को देखते हुए खिलाड़ियों को उम्मीद है कि हॉकी इंडिया जल्दी इस मसले का निपटारा कर लेगा।

इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।

Story first published: Friday, January 22, 2010, 7:48 [IST]
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