इस सत्र में दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया है लेकिन सत्र के अंत तक सर्वोच्च वरीय टेस्ट टीम बने के लिए अब दोनों के बीच होड़ शुरू हो चुकी है। भारतीय टीम अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) टेस्ट चैम्पियनशिप की सर्वोच्च वरीय टीम है लेकिन दक्षिण अफ्रीका उससे चार अंक नीचे दूसरे स्थान पर है।
एक अप्रैल तक जो भी टीम वरीयता क्रम में पहले स्थान पर बनी रहेगी उसे आईसीसी की ओर से 175,000 डॉलर का वार्षिक इनाम मिलेगा। दूसरे स्थान पर रहने वाली टीम के हिस्से 75,000 डॉलर आएंगे।
यह इनाम पाने के लिए भारत को सिर्फ एक ड्रॉ की जरूरत है। भारतीय टीम छह दिसंबर को सर्वोच्च वरीय टीम बनी थी। उसने श्रीलंका को टेस्ट श्रृंखला में 2-0 से पराजित किया था। दक्षिण अफ्रीकी टीम अगर यह श्रृंखला 1-0 से जीतने में सफल रहती है तब वह वरीयता क्रम में पहले स्थान पर पहुंच जाएगी।
नागपुर टेस्ट की बात करें तो भारतीय टीम जहां हाल में श्रीलंका और बांग्लादेश पर मिली लगातार जीत से उत्साहित है वहीं दक्षिण अफ्रीका ने हाल ही में अपने घर में खेली गई टेस्ट श्रृंखला में शानदार तरीके से इंग्लैंड को बराबरी पर रोका था। निश्चित तौर पर अपने घर में खेल रहे होने का फायदा भारतीय टीम के साथ है लेकिन दक्षिण अफ्रीकी टीम में उसे यहां भी हराने की पूरी क्षमता है।
दक्षिण अफ्रीकी टीम को अपने तेज गेंदबाजों-डेल स्टेन और मोर्न मोर्कल पर नाज है। ये बल्लेबाज भारतीय बल्लेबाजी क्रम को नेस्तनाबूत करने की क्षमता रखते हैं। साथ ही बाएं हाथ के गेंदबाज वायने पार्नेल को टीम में शामिल किए जाने के बाद मेहमान आक्रमण पंक्ति और मजबूत हुई है।
स्टेन और मोर्कल जहां अपनी तेज गेंदों से भारतीय बल्लेबाजों की परीक्षा लेने की बात कह चुके हैं वहीं दूसरी ओर युवराज सिंह और राहुल द्रविड़ की गैरमौजूदगी में भारतीय मध्यक्रम कमजोर नजर आ रहा है। इतना ही नहीं, नागपुर में वी.वी.एस. लक्ष्मण के खेलने को लेकर भी संशय है।
ऐसी स्थिति में गौतम गंभीर और वीरेंद्र सहवाग की सलामी जोड़ी का रन बनाना बेहद जरूरी हो गया है। गंभीर के स्थानापन्न के तौर पर दो बार राष्ट्रीय टीम में खेलने का मौका पा चुके तमिलनाडु के बल्लेबाज मुरली विजय के सामने भी गंभीर परीक्षा है। उन्हें द्रविड़ की जगह लेनी है और खुद को साबित भी करना है।
श्रीलंका के खिलाफ मुंबई टेस्ट में मुरली शतक से चूक गए थे लेकिन उन्होंने चयनकर्ताओं को काफी प्रभावित किया था। मुरली के साथी एस. बद्रीनाथ को युवराज के स्थान पर अपने करियर का पहला टेस्ट मैच खेलने का मौका मिल सकता है। बद्रीनाथ ने घरेलू क्रिकेट में ढेरों रन बटोरे हैं और अब उन्हें अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर अपनी प्रतिभा की झलक दिखानी होगी।
भारतीय आक्रमण पंक्ति की गुणवत्ता को लेकर काफी बातें की जा रही हैं। खासतौर पर स्पिन गेंदबाजी चर्चा में है। इस मैच के जरिए भारतीय स्पिनरों की भी अच्छी परीक्षा होगी। हरभजन सिंह को जहां वरिष्ठ होने के नाते अधिक से अधिक जिम्मेदारी उठानी होगी वहीं अमित मिश्रा को भी घरेलू हालात में खुद को साबित करना होगा।
मिश्रा के लिए इससे पहले का अनुभव ठीक नहीं रहा है क्योंकि बांग्लादेश के खिलाफ चटगांव टेस्ट में पारी में सात विकेट लेने और अर्धशतक लगाने के बावजूद उन्हें मीरपुर में खेले गए दूसरे टेस्ट मैच के लिए टीम में शामिल नहीं किया गया था।
टीमें इस प्रकार हैं :
भारत : महेंद्र सिंह धौनी (कप्तान), वीरेंद्र सहवाग, गौतम गंभीर, एस. बद्रीनाथ, सचिन तेंदुलकर, वी.वी.एस. लक्ष्मण, मुरली विजय, रोहित शर्मा, हरभजन सिंह, जहीर खान, अमित मिश्रा, प्रज्ञान ओझा, ईशांत शर्मा, सुदीप त्यागी, अभिमन्यु मिथुन और वृद्धिमान साहा।
दक्षिण अफ्रीका : ग्रीम स्मिथ, हाशिम अमला, एश्वेल प्रिंस, अब्राहम डिविलियर्स, जैक्स कैलिस, जीन पॉल डुमिनी, एल्वारो पीटरसन, मार्क बाउचर, पॉल हैरिस, जोहान बोथा, रेयान मैक्लॉरेन, मोर्न मोर्कल, वायने पार्नेल, डेल स्टेन और लोनवाबे सोत्सोबे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।