श्रीलंका को हरा भारत फ़ाइनल में

बांग्लादेश में चल रही त्रिकोणीय वनडे सिरीज़ के पाँचवें मैच में भारत ने श्रीलंका पर आसान जीत दर्ज की है. भारत ने ये मैच 104 गेंद रहते आठ विकेट से जीत लिया. अब फ़ाइनल में भारत का मुकाबला श्रीलंका से होगा.

श्रीलंका ने भारत के सामने जीत के लिए 214 रनों का लक्ष्य रखा था जिसे वीराट कोहली और गौतम गंभीर की बदौलत भारत ने आसानी से हासिल कर लिया.भारतीय गेंदबाज़ों ने भी बेहतरीन प्रदर्शन किया. ज़हीर खान ने 38 रन देकर तीन विकेट लिए और मैन ऑफ़ द मैच बने.

श्रीलंका ने पहले बल्लेबाज़ी करते हुए 46.1 ओवरों में 213 रन बनाए थे. बदले में पारी की शुरुआत दिनेश कार्तिक और गौतम गंभीर ने की. कार्तिक ने अच्छी शुरुआत दी और 40 गेंदों में चार चौकों की मदद से 48 रन बनाकर आउट हुए.

उसके बाद आए विराट कोहली ने गंभीर के साथ मिलकर बेहतरीन साझेदारी की. इन दोनों के सामने श्रीलंकाई गेंदबाज़ों की एक न चली. दोनों ने एक विकेट पर 89 के स्कोर से भारत को 161 रन तक पहुंचाया.

29वें ओवर में गंभीर परेरा की गेंद पर 71 रन बनाकर आउट हुए. उन्होंने 86 गेंदों में 10 चौके लगाए. गंभीर के जाने के बाद भी कोहली का बल्ला नहीं थमा और वे लगातार चौकों की बरसात करते रहे.

214 के लक्ष्य को भारत ने 33वें 104 गेंद रहते ही दो विकेट के नुकसान पर हासिल कर लिया.

श्रीलंका की पारी

श्रीलंका ने मैच में पहले बल्लेबाज़ी की थी. लेकिन भारतीय गेंदबाज़ों के सामने श्रीलंकाई खिलाड़ियों ने घुटने टेक दिए और पूरी टीम 47वें ओवर में ही सिमट गई.

भारत की ओर से ज़हीर ख़ान और अमित मिश्रा ने घातक गेंदबाज़ी का प्रदर्शन किया और दोनों ने तीन-तीन विकेट झटके. जबकि सुदीप त्यागी, युवराज सिंह और श्रीसंत के हिस्से में भी एक-एक विकेट आया.

श्रीलंका की ओर से पारी की शुरुआत थरंगा और तिलकरत्ने दिलशान ने की. पहले ही ओवर में सुदीप त्यागी ने थरंगा को पलेवियन भेज दिया.पहली ओवर की चौथे गेंद पर दिनेश कार्तिक ने सुदीप त्यागी की गेंद पर थरंगा को कैच आउट कर भारत को एक बड़ी सफ़लता दिलाई. श्रीलंका का पहला विकेट महज़ एक रन के स्कोर पर गिरा.

थरंगा के बाद कुमार संगकारा ने कमान संभाली, लेकिन तिलकरत्ने दिलशान उनका बहुत देर तक साथ नहीं दे सके और 33 रनों का योगदान देकर ज़हीर की गेंद पर आउट हो गए. उन्होंने अपने 33 रनों की धमाकेदार पारी में आठ चौके लगाए.

दिलशान के बाद महेला जयवर्धने आए और केवल पाँच रन ही बनाए पाए थे कि वो भी ज़हीर का शिकार बन गए.

61 के स्कोर पर श्रीलंका के चार विकेट गिर चुके थे.उसके बाद कादंबी आए पर वे एक ही रन जोड़ ही सके थे कि वो बेहतरीन फ़ील्डिंग के शिकार बन गए. 14वें ओवर में श्रीलंका ने पाँच विकेट पर केवल 66 रन बनाए थे.

परेरा के बाद आए रंदीव ने संगकारा का बख़ूबी साथ दिया और पारी को संभाल रहे थे कि संगकारा ही उनका साथ छोड़ बैठे.

संगाकारा मैदान पर काफ़ी समय तक डटे रहे. उनका कैच रैना ने युवराज की गेंद पर लपका. पर तब तक वो 30वें ओवर में रन को143 के स्कोर लेजा चुके थे. श्रीलंका की ओर से सबसे अधिक उन्होंने ही 78 गेंदों में 68 रन जड़े.

संगकारा के आउट होने के बाद रंदीव और थुसारा ने पारी को संभाली और स्कोर को 143 से 202 रनों पर ले गए.

46वें ओवर की पहली गेंद पर मिश्रा ने आख़िर विकेट चटका कर पूरी पारी को ही समेट दिया.

ख़राब फ़ील्डिंग के लिए लगातार आलोचना झेल रही भारतीय टीम ने इस मैच में बेहतरीन फ़ील्डिंग का प्रदर्शन किया. जहाँ छह खिलाड़ियों के कैच पकड़े गए वहीं एक बल्लेबाज़ को रन आउट किया.

श्रीलंका की टीम इस प्रतियोगिता में अपने तीनों मैच जीत कर पहले ही फ़ाइनल में जगह बना चुकी है.

Story first published: Sunday, January 10, 2010, 20:18 [IST]
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