सहवाग आठ गेंदों पर दो चौकों की मदद से 13 रन बनाने के बाद अब्दुर रज्जाक के हाथों रन आउट किए गए। खबर लिखे जाने तक भारतीय टीम ने 4 ओवरों की समाप्ति तक एक विकेट खोकर 30 रन बना लिए थे। गौतम गंभीर 12 रन बनाकर खेल रहे थे जबकि विराट कोहली ने खाता नहीं खोला था।
इससे पहले टॉस जीतकर बल्लेबाजी करने उतरी मेजबान टीम ने तमीम इकबाल (60), इमरुल कायेस (70) और मोहमुदुल्लाह (नाबाद 60) की धारदार बल्लेबाजी की बदौलत निर्धारित 50 ओवरों में छह विकेट खोकर 296 रन बनाए।
मेजबान टीम की ओर से कायेस ने 100 गेंदों का सामना करते हुए पांच चौके और एक छक्का लगाया जबकि तमीम ने अपनी 42 गेंदों की तूफानी पारी के दौरान 10 चौके और एक छक्का जड़ा।
कप्तान सकीबुल हसन (0) और मुश्फिकुर रहीम (6) के सस्ते में पेवेलियन लौटने के बाद टीम को मजबूत स्थिति में पहुंचाने की जिम्मेदारी अपने कंधों पर लेने वाले मोहमुदुल्लाह ने 45 गेंदों की तेज पारी के दौरान आठ झन्नाटेदार चौके लगाए।
इसके अलावा रकीबुल हसन ने 32 और मोहम्मद अशरफुल ने 29 रन जोड़कर अपनी टीम के कुल योग को सम्मानजनक स्थिति में पहुंचाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया। रकीबुल ने 40 गेंदों पर एक चौका और एक छक्का लगाया। अशरफुल ने 48 गेंदों पर तीन चौकों की मदद से 29 रन बनाए।
मेजबान टीम को भारत द्वारा दिए गए 25 अतिरिक्त रनों का भी फायदा हुआ। भारत की ओर से आशीष नेहरा, शांताकुमारन श्रीसंत, हरभजन सिंह, रवींद्र जडेजा और युवराज सिंह ने एक-एक सफलता हासिल की जबकि मेजबान टीम का एक बल्लेबाज रन आउट हुआ। युवराज ने अपने कोटे के 10 ओवरों में मात्र 33 रन खर्च किए।
इस श्रृंखला में दोनों टीमें एक-एक मैच गंवा चुकी हैं। चार जनवरी को खेले गए पहले मुकाबले में श्रीलंका ने बांग्लादेश को पराजित किया था जबकि पांच जनवरी को खेले गए दूसरे मुकाबले में भारतीय टीम भी श्रीलंका के हाथों पांच विकेट से हार गई थी।
बांग्लादेश के हाथों हार जाने की सूरत में भारतीय टीम की अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) की टीमों की तालिका में पहले स्थान पर पहुंचने का सपना फिलहाल पूरा नहीं हो सकेगा। इस संभावना को बनाए रखने के लिए उसे इस श्रृंखला के बाकी सभी मैच जीतने होंगे।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।