जहीर ने मीरपुर टेस्ट की पहली पारी में तीन और दूसरी पारी में सात विकेट झटके। इस शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 'मैन ऑफ द मैच' और दो मैचों की श्रृंखला में कुल 15 विकेट अपने नाम करने के कारण 'मैन ऑफ द सीरीज' चुना गया। बांग्लादेश के खिलाफ जहीर सात टेस्ट मैचों में 31 विकेट ले चुके हैं।
जहीर से पहले चेतन शर्मा ने 1986 में बर्मिघम में इंग्लैंड के खिलाफ, 1997-98 में वेंकटेश प्रसाद ने डरबन में दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ और इरफान पठान ने 2005 में हरारे में जिंबाब्वे तथा 2004-05 में ढाका में बांग्लादेश के खिलाफ एक मैच में 10 या उससे अधिक विकेट लेने का कारनामा किया था।
चेतन ने 188 रन देकर 10 विकेट लिए थे जबकि प्रसाद ने 153 रन देकर 10 विकेट अपने नाम किए थे। पठान ने दो बार यह मुकाम हासिल किया है। पहली बार उन्होंने बांग्लादेश के खिलाफ 96 रन देकर 11 विकेट लिए थे जबकि 2005 में उन्होंने जिंबाब्वे के खिलाफ 126 रन देकर कुल 12 विकेट अपनी झोली में डाले थे।
जहीर ने अपने अब तक के करियर में पहली बार एक मैच में 10 विकेट लिया है। उन्होंने दूसरी पारी में 87 रन देकर बांग्लादेश के सात बल्लेबाजों को पेवेलियन की राह दिखाई। टेस्ट मैचों में उनका अब तक का यह सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन है। उन्होंने करियर में नौवीं बार और बांग्लादेश के खिलाफ दूसरी बार पारी में पांच विकेट झटके।
टेस्ट मैचों में जहीर ने चौथी बार 'मैन ऑफ द मैच' खिताब जीता। बांग्लादेश के खिलाफ उन्हें दूसरी बार यह खिताब मिला। इससे पहले उन्होंने 2007 में ढाका टेस्ट में यह खिताब हासिल किया था। इसके अलावा जहीर ने अपने अब तक करियर में तीसरी बार 'मैन ऑफ द सीरीज' खिताब जीता है।
इंडो-एशियन न्यूज सर्विस।