मोरक्कन एथलीट, जो पैरा एथलेटिक्स में धूम मचा रही हैं, उनकी नजरें 2024 में पेरिस में होने वाले पैरालंपिक खेलों पर टिकी हैं। पैरा पावरलिफ्टिंग से स्विच करने के बाद उन्होंने 2016 में पैरा एथलेटिक्स में अपना सफर शुरू किया। पैरालंपिक पदक जीतने की इच्छा ने उन्हें यह फैसला लेने के लिए प्रेरित किया।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2020 | Discus Throw - F41 | S रजत |
| 2016 | Shot Put - F41 | 4 |
| 2020 | Shot Put - F41 | 5 |
उनकी सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक 2019 में यूएई के दुबई में आयोजित विश्व चैंपियनशिप में F41 डिस्कस थ्रो में रजत पदक जीतना है। यह उपलब्धि उनके करियर में एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर है।
उनके माता-पिता और उनके पहले कोच, अवाल नहासी, उनके जीवन में प्रमुख प्रभाव रहे हैं। वह मोरक्कन पैरा एथलीट अज़ेद्दीन नौरी को अपना हीरो मानती हैं।
उन्होंने मोरक्को के एल जदीदा में चौआइब डुकाली विश्वविद्यालय से अपनी शिक्षा प्राप्त की। वह बहुभाषी हैं, अरबी, अंग्रेजी और फ्रेंच भाषा में धाराप्रवाह बोलती हैं।
वह वर्तमान में मोरक्को में क्लब ओलंपिक डे साफी से जुड़ी हैं। उनके राष्ट्रीय कोच अब्देलवहाब लखदार हैं।
भविष्य में, उनका लक्ष्य 2024 में पेरिस में होने वाले पैरालंपिक खेलों में भाग लेना है। यह लक्ष्य पैरा एथलेटिक्स में उत्कृष्टता प्राप्त करने के लिए उनके समर्पण और प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
भारोत्तोलन से पैरा एथलेटिक्स में उनकी यात्रा उनकी अनुकूलन क्षमता और दृढ़ संकल्प को प्रदर्शित करती है। अपने परिवार और कोचों के मजबूत समर्थन के साथ, वह अंतरराष्ट्रीय मंच पर उत्कृष्टता के लिए प्रयास करना जारी रखती हैं।