चीन के यानताई से ताल्लुक रखने वाली इस सफल एथलीट ने 1999 में वेटलिफ्टिंग की शुरुआत की। प्राथमिक स्कूल में उसके मजबूत शरीर के कारण उसे चुना गया, और तब से वह इस खेल में एक प्रमुख व्यक्ति बन गई है। वह शेडोंग प्रांत का प्रतिनिधित्व करती है और राष्ट्रीय कोच झांग गुओझेंग के मार्गदर्शन में प्रशिक्षण लेती है।

| Season | Event | Rank |
|---|---|---|
| 2012 | Women's +75kg | G स्वर्ण |
2012 के लंदन ओलंपिक खेलों में स्वर्ण पदक जीतना उसकी सबसे यादगार उपलब्धियों में से एक है। यह जीत उसके करियर का एक शिखर है।
2012 के ओलंपिक में उसके प्रदर्शन के लिए उसे 2013 में उत्कृष्ट योगदान पुरस्कार मिला। इसके अतिरिक्त, 2012 में ऑल-चाइना यूथ फेडरेशन द्वारा उसे राष्ट्रीय युवा 4 मई पदक से सम्मानित किया गया।
अपने पूरे करियर में उसे घुटने की चोट जैसी चुनौतियों का सामना करना पड़ा। इसके बावजूद, उसका आदर्श वाक्य "कोई डर नहीं" है, जो उसके लचीले आत्मबल को दर्शाता है।
वेटलिफ्टिंग से अलग, वह दोस्तों के साथ खरीदारी का आनंद लेती है। उसकी नायिका चीनी वेटलिफ्टर तांग गोंघोंग हैं, जिन्होंने उनके करियर में उन्हें प्रेरित किया है।
भविष्य में, वह प्रतिस्पर्धा जारी रखने की योजना बना रही है और भविष्य की पीढ़ियों के एथलीटों को प्रेरित करना चाहती है। वेटलिफ्टिंग के प्रति उसकी समर्पण और उसकी उपलब्धियां उसकी कड़ी मेहनत और दृढ़ता का प्रमाण हैं।
यानताई से अंतर्राष्ट्रीय स्तर तक इस एथलीट की यात्रा वेटलिफ्टिंग में उत्कृष्टता के प्रति उसकी प्रतिबद्धता को दर्शाती है। उसकी कहानी खेल की दुनिया में कई लोगों को प्रेरित करती रहती है।