
एयरपोर्ट से सीधा ईडन गार्डन्स पहुंचे भारत-बांग्लादेश के कोच
वहीं कोलकाता पहुंचने के बाद भारतीय टीम के मुख्य कोच रवि शास्त्री और बांग्लादेश के कोच रसेल डोमिंगो होटल जाने की बजाया सीधा एयरपोर्ट से ईडन गार्डन्स स्टेडियम पहुंचे।
भारतीय टीम के स्थानीय टीम मैनेजर सम्राट भौमिक ने बताया कि दोनों कोचों का एयरपोर्ट से सीधे ईडन गार्डन पहुंचने का प्लान है। दोनों ही मैच की तैयारियों के लिए कोलकाता की पिच देखने को उत्सुक हैं।

क्यों है ईडन गार्डन्स सबसे परफेक्ट
गौरतलब है कि ईडन गार्डन्स स्टेडियम भारत के लिए पहली बार ऐतिहासिक दिन-रात टेस्ट मैच के आयोजन के लिए पूरी तरह से तैयार है। यह मैच पिंक बॉल से खेला जाएगा और विशेषज्ञों का मानना है कि पिंक बॉल के लिए ईडन गार्डन्स से बेहतर विकल्प नहीं हो सकता था।
दलीप ट्रॉफी के मैचों के दौरान गेंद के अपना रंग और आकार तेजी से खोने के बारे में शिकायतें मिली थीं, लेकिन विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तर भारत की मिट्टी ईडन गार्डन्स (कोलकाता) से काफी अलग है जिसके चलते इस बार ऐसा होने की संभावना कम है।
दूसरी ओर कोलकाता की इस पिच में हमेशा से ही एक अच्छा ग्रास कवर (घास) रहा है और हरे-भरे आउटफील्ड के चलते गेंद अपना रंग जल्दी नहीं खोयेगी और लंबे समय तक चलेगी। इसके अलावा, यहां की काली मिट्टी एक चिकनी सतह बनाती है जो गेंद की बाहरी सतह को भी देर तक खेलने में मदद करेगी।

पिंक बॉल से मिलेगी जबरदस्त रिवर्स स्विंग
ईडन गार्डन्स पर होने वाले इस मैच में सबकी नजरें इस बात पर जमीं हुई है कि क्या इस मैच में गेंद से रिवर्स स्विंग देखने को मिलेगी। कोलकाता में शाम के समय चलने वाली हवा बेशक तेज गेंदबाजों के लिए मददगार साबित होगी लेकिन गेंद से रिवर्स स्विंग देखने को मिले इसके लिये बोर्ड ने भी खास इंतजाम किये हैं।
बीसीसीआई के एक अधिकारी ने इस मुद्दे पर बात करते हुए कहा, 'गुलाबी गेंद को हाथ से सिलकर तैयार किया गया है ताकि यह अधिक से अधिक रिवर्स स्विंग हो सके। इसलिए गुलाबी गेंद से स्विंग हासिल करने में अब कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।'

पिच पर हो सकता है असमान उछाल
पिछले हफ्ते कोलकाता में हुई भारी बारिश के बावजूद पिच क्यूरेटर मुखर्जी की टीम ने बेहतरीन काम किया और शनिवार तक इसे पूरी तरह से तैयार कर दिया। फिलहाल पिच पर पानी नहीं डाला जा रहा जिसकी वजह से ऊपरी सतह तो सूख गई है लेकिन लगातार बारिश के चलते निचली सतह पर अब भी नमी हो सकती है जिसके चलते खिलाड़ियों को असमान उछाल देखने को मिल सकता है।

ओस की अहम भूमिका
डे-नाइट मैच होने और भारत में सर्दियों के शुरु होने के चलते मैच में ओस निर्णायक भूमिका निभा सकता है। हालांकि ग्राउंड्समैन ऐंटी ड्यू स्प्रे के साथ मौजूद रहेंगे लेकिन बावजूद इसके असर को खत्म कर पाना नामुमकिन होगा। जहां बल्लेबाज ओस में खेलने को लेकर पसंद करेंगे, क्योंकि इससे गेंद गीली हो जाएगी और सूर्यास्त के बाद स्विंग की संभावना कम हो जाएगी लेकिन गेंदबाजों के लिए यह बड़ी चुनौती होगी। वहीं अगर ओस ज्यादा नहीं पड़ती और पिच सूखी रहती है, तो बल्लेबाजों के लिए गेंदबाजों को खेलना टेढ़ी खीर हो जाएगा।


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