Year Ender 2018: साल 2018 की वो 10 बेहतरीन टेस्ट पारियां जो आने वाले सालों में याद की जाएंगी

नई दिल्ली। टेस्ट क्रिकेट के लिए 2018 का साल बेहद खास रहा। विवादों से लेकर विदाई तक और विदाई से लेकर नए आगाज तक, इस साल टेस्ट क्रिकेट ने अनेकों बड़े पड़ाव पार किए। ये पूरा साल कई हाइप्रोफाइल सीरीज के नाम रहा। साल का टेस्ट सफर प्रतिष्ठित एशेज सीरीज के अंतिम टेस्ट के साथ शुरू हुआ जिसने बाद में बहुचर्चित 'बॉल टेपरिंग कांड' और एलिस्टेयर कुक की भावभीनी विदाई तक अपने बेहतरीन दौर में प्रवेश किया। बाद में यह सफर और तेजी से आगे बढ़ता हुआ इंग्लैंड और न्यूजीलैंड जैसी टीमों द्वारा एशियाई शेरों को उन्हीं के घरों में मात देने तक अपने चरमोत्कर्ष तक पहुंचा। बेहतरीन टेस्ट मैचों वाला ये साल अब भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच जारी सीरीज पर समापन करने तक आ गया है।

साल 2018 के अंतिम टेस्ट अमूमन 26 दिसंबर को होने वाले बॉक्सिंग डे टेस्ट होते हैं। इस बार भी भारत-ऑस्ट्रेलिया और दक्षिण अफ्रीका-पाकिस्तान के बॉक्सिंग डे टेस्ट साल के समापन वाले टेस्ट होंगे। ये साल गेंद और बल्ले के बीच की संतुलित भिड़ंत के लिए भी याद रखा जाएगा। खासकर भारतीय तेज गेंदबाजी के उभार ने इस साल के मुकाबलों में नई जान डालने का काम किया। हम यहां बल्लेबाजों की बात करें तो उनके लिए ये साल खासा मुश्किल ही रहा। एक एक रन के लिए मेहनत करते खिलाड़ी देखे गए। कुल मिलाकर ये टेस्ट क्रिकेट में एक नई जान फूंकने वाला साल भी रहा। ऐसे में देखते हैं कि साल 2018 की कुछ चुनिंदा बेस्ट पारियां जिनका जिक्र आने वाले सालों में भी किया जाएगा-

उस्मान ख्वाजा के 85 और 141 रन

उस्मान ख्वाजा के 85 और 141 रन

ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाज उस्मान ख्वाजा की 141 रन की पारी साल की सर्वश्रेष्ठ पारियों में हैं। आस्ट्रेलिया के यूएई दौरे पर पाकिस्तान के खिलाफ दूसरे टेस्ट में यह पारी खेली गई थी। ख्वाजा मैच में बतौर ओपनर खेल रहे थे और चौथे पारी में बल्लेबाजी कर रहे ऑस्ट्रेलिया के सामने पाकिस्तान ने 462 रनों का विशाल लक्ष्य रखा था। ऑस्ट्रेलिया ने इस पारी में जबरदस्त जुझारूपन के साथ बल्लेबाजी करते हुए मैच ड्रा करा लिया था। इस ड्रा के सूत्रधार बने थे उस्मान ख्वाजा। कंगारूओं ने चौथी पारी में 139.5 ओवर तक बल्लेबाजी की जिसमें 126वे ओवर तक ख्वाजा क्रीज पर डटे रहे। उन्होंने ट्रेविस हेड और टिम पेन के साथ महत्वपूर्ण साझेदारियां कर टीम को निश्चित हार से बचा लिया। ऑस्ट्रेलिया ने इस पारी में 8 विकेट खोकर 362 रन बनाए थे। इसी मैच में ही ख्वाजा ने पहली पारी में 85 रनों की जबरदस्त पारी भी खेली थी।

टिम पेन का जबरदस्त प्रयास

टिम पेन का जबरदस्त प्रयास

पाकिस्तान के खिलाफ दुबई में हुए पहले टेस्ट मैच में उस्मान ख्वाजा ने जहां ऊपरी क्रम में खूंटा गाड़ बल्लेबाजी करने के साथ रनों को बटोरा तो वहीं इस मैच में निचले क्रम पर टिम पेन का योगदान भी याद रखा जाएगा। पेन ने ख्वाजा के आउट होने के बाद मोर्चा संभाल लिया। दूसरे छोर पर जहां एक के बाद एक विकेट गिरते जा रहे थे, तो वहीं टिम पेन अपनी अंत तक नाबाद बने रहे। उन्होंने मैच में 194 गेंद खेली और 61 रन बनाए। इस तरह से मैच के अंत में ख्वाजा के साथ पेन का नाम भी हीरो के रूप में दर्ज हो गया।

जो रूट के 124 रन

जो रूट के 124 रन

इंग्लैड के श्रीलंका दौरे का दूसरा टेस्ट मैच चल रहा था। पहला टेस्ट हारने के बाद श्रीलंका की टीम दूसरे मैच में वापसी करती दिख रही थी। इंग्लैंड की पहली पारी के 290 रनों के जवाब में लंका ने 336 रन बनाकर 46 रनों की लीड ले ली थी और दूसरी पारी में भी इंग्लैंड के चार बल्लेबाजों को 109 रनों पर चलता कर जीत की आधारशिला भी रख दी थी। तभी इंग्लिश कप्तान रूट ने अपने जीवन की बेस्ट पारियों में से एक पारी खेलकर लंका के जबड़े से जीत छीन ली। रूट ने मैच में जबरदस्त बल्लेबाजी करते हुए केवल 146 गेंदों में 124 रन ठोक डाले थे। वे जब आउट हुए तब तक टीम का स्कोर 300 पार करवा चुके थे। रूट को निचले क्रम पर बेन स्टॉक्स का भी साथ मिला। इंग्लैड ने इस पारी में 346 रन बनाए, जिसके चलते श्रीलंका को जीतने के लिए 301 रनों का लक्ष्य मिला था। लेकिन लंका की टीम 243 रनों पर ही आउट हो गई और इंग्लैंड मैच के साथ सीरीज भी जीत गया। ये वाकई साल 2018 की यादगार पारी है।

विराट कोहली की बर्मिंघम पारी

विराट कोहली की बर्मिंघम पारी

भारत ने अपने लंबे इंग्लैंड दौरे की शुरूआत बर्मिंघम टेस्ट से की। इस पहले टेस्ट में भारत को 31 रनों की करीबी हार का सामना करना पड़ा था। भारत यह मैच जीत सकता था अगर बाकी के बल्लेबाज विराट कोहली का थोड़ा भी साथ देते। जी हां, इंग्लैंड के पहली पारी में 287 रनों के जवाब में भारत ने कप्तान कोहली के शेरदिल शतक की बदौलत 274 रन बनाए। बाकी बल्लेबाजों की दयनीयता इस कदर थी कि कोहली की 149 रनों की पारी के बाद दूसरा बेस्ट स्कोर शिखर धवन का 26 रन था। कोहली ने टीम के लिए आधे से ज्यादा रन अकेले बनाए और वे इस पारी में आउट होने वाले आखिरी बल्लेबाज बने। यही हाल दूसरी पारी का भी रहा था। कोहली के अर्धशतक के अलावा बाकी कोई बल्लेबाज टिक नहीं सका और भारत 194 रनों के आसान लक्ष्य को नहीं पा सका था। ये मैच कोहली के शतक के रूप में साल 2018 की बेस्ट पारियों में से एक का गवाह बना।

एडिलेड के हीरो चेतेश्वर पुजारा

एडिलेड के हीरो चेतेश्वर पुजारा

भारत के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर पहले टेस्ट मैच के दौरान पुजारा ने 123 रनों की क्लासिक पारी खेलकर एक बार फिर से टेस्ट क्रिकेट को क्लास बल्लेबाजों का गेम साबित कर दिया। एडिलेड की धीमी और कठिन पिच पर पहली पारी में टिकने वाले पुजारा एकमात्र भारतीय बल्लेबाज थे। उनके इस शतक की अहमियत इसी बात से पता चलती है कि टीम का कुल स्कोर ही 250 रन था और पुजारा के बाद उस पारी में दूसरा बेस्ट स्कोर केवल 37 रन (रोहित शर्मा) था। इतना ही नहीं पुजारा ने दूसरी पारी में भी धैर्य का शानदार नमुना पेश करते हुए 71 रन बनाए। इन पारियों की बदौलत भारत को 15 साल बाद एडिलेड में जीत मिली।

एंजेला मैथ्यूज की मैच बचाने वाली पारी

एंजेला मैथ्यूज की मैच बचाने वाली पारी

श्रीलंका के न्यूजीलैंड दौरे पर वेल्गिंटन में हुए पहले टेस्ट में एंजेला मैथ्युज ने दोनों पारियों में कमाल करके टीम को बचाया था। मैच में लंका की हालत खस्ता थी और न्यूजीलैंड एक निश्चित जीत की ओर बढ़ रहा था। लंका के पहली पारी में 282 रनों के जवाब में न्यूजीलैंड ने 578 रनों का पहाड़ सा स्कोर बना डाला। लंका पर जब मैच में पारी की हार से हारने का खतरा मंडरा रहा था तभी मैथ्यूज और बीकेजी मेंडिस ने यादगार शतक जमाकर श्रीलंकाई क्रिकेट की शान को जैसे एक बार फिर छू लिया। खास बात यह थी कि मैथ्युज ने पहली पारी में भी बेहतरीन 83 रन बनाए और दूसरी पारी में वे 120 रन बनाकर नाबाद रहे। मैथ्यूज के अलावा बारिश की मार से भी प्रभावित ये मैच आखिरकार ड्रा हुआ।

पर्थ में 'विराट' पारी

पर्थ में 'विराट' पारी

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ पर्थ के नए मैदान पर बल्लेबाजों के जब पसीने छूट रहे थे तब भारतीय कप्तान कोहली अकेले दम पर टीम की नैया एक बार फिर से पार लगाने की कोशिश कर रहे थे। बेहद खतरनाक इस पिच पर भारत की पहली पारी में कोहली ने रहाणे के साथ मिल कर भारत को कंगारू पेस बैटरी के सामने धराशाई होने से बचा लिया। कोहली की 123 रनों की इस पारी में बेजोड़ डिफेंस मुख्य हथियार बनकर उभरा। कोहली के परंपरागत स्टाइल से हटकर खेली गई इस पारी की अहमियत इसी बात से पता चल जाती है कि कोहली के आउट होने के बाद केवल 32 रन जोड़कर पूरी टीम आउट हो गई। इन 32 रनों के अंदर ही टीम इंडिया के पांच विकेट गिरे थे। भारत के इस पारी में 283 रन बने थे। हालांकि कोहली के बल्ले की गूंज टीम की जीत की वर्जना में तब्दील नहीं हो सकी, लेकिन क्वालिटी के स्तर पर यह आला पारी थी जिसका अंत भी एक विवादापस्द कैच के साथ हुआ।

केन विलियमसन ने खत्म किया 49 साल का सूखा

केन विलियमसन ने खत्म किया 49 साल का सूखा

पाकिस्तान के खिलाफ यूएई में हुई तीन टेस्ट मैचों की सीरीज केन विलियमसन के नाम रही। उनके हालात के विपरीत पारी खेलने की क्षमता का इस सीरीज में एक अलग स्तर देखने को मिला। दो मैचों के बाद 1-1 से बराबर चल रही सीरीज में तीसरे मैच में विलियमसन ने जो बल्लेबाजी की, उसने 49 साल बाद न्यूजीलैंड को पाकिस्तान को उसकी घरेलू सीरीज में शिकस्त देने में अहम भूमिका निभाई थी। विलियमसन ने अबू धाबी में खेले गए मैच इस मैच की पहली पारी में 89 रन बनाए जबकी उनकी टीम का कुल स्कोर 274 था। इसके बाद उन्होंने दूसरी पारी में 139 रन बनाकर अपनी टीम को एक ऐसे सुरक्षित स्कोर तक पहुंचा दिया, कि अब या तो मैच ड्रा हो सकता था, या फिर पाकिस्तान की हार। अततः पाकिस्तान की हार हुई और न्यूजीलैंड 49 साल बाद ऐतिहासिक सीरीज जीत हासिल करने में कामयाब रहा

टॉम लॉथम का दोहरा शतक

टॉम लॉथम का दोहरा शतक

श्रीलंका के न्यूजीलैंड दौरे पर पहले ही टेस्ट में युवा कीवी ओपनर टॉम लॉथम ने एक ऐसी पारी खेली जो अमूमन किताबों में ही देखने को मिलती है। ओपनिंग करने आए लॉथम पूरी पारी के दौरान आउट नहीं हुए और टीम ने इस पारी में 578 रनों का स्कोर बनाया था। इसमें लॉथम का योगदान 264 रन रहा, जिसके लिए उन्होंने 489 गेंदे खेली और 21 चौके व 1 छक्का लगाया। लॉथम के अलावा कोई भी कीवी बल्लेबाज इस पारी में शतक नहीं जड़ सका था।

एलिस्टेयर कुक की 'विदाई' पारी

एलिस्टेयर कुक की 'विदाई' पारी

सबके चहेते और इंग्लैंड के पूर्व कप्तान एलिस्टेयर कुक के करियर की अंतिम पारी साल 2018 के क्रिकेट पलों में बेहद खास जगह रखती है। भारत के इंग्लैंड दौरे पर पूरी सीरीज में जूझते रहे कुक ने चौथे मैच के बाद अपने संन्यास की घोषणा कर दी थी। सबको उनसे अंतिम पारी में कुछ खास करने की उम्मीद थी लेकिन उन्होंने जो किया वो उम्मीद से बढ़कर था। लंदन में खेले गए पांचवे मैच की पहली पारी में 71 और अंतिम पारी में 147 रन बनाने वाले कुक ने अपनी नायक सरीखी विदाई को साकार कर दिया। इंग्लैंड ने यह मैच 118 से जीता था। इसी के साथ कुक की भावुक विदाई साल 2018 की बेहतरीन पारी बन गई।

Story first published: Monday, December 24, 2018, 13:56 [IST]
Other articles published on Dec 24, 2018
Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+