
इन प्लेयरों ने दिलाया है मेडल
भारत ने जर्मनी को रोमांचक भरे मैच में 5-4 से मात देकर ब्राॅन्ज अपने नाम किया। ऐसा करने के लिए 16 खिलाड़ियों की भूमिका रहीं जिनके नाम हैं- मनप्रीत, श्रीजेश, हरमनप्रीत, रूपिंदर, सुरेंद्र, अमित, बीरेंद्र, हार्दिक, विवेक, नीलकांत, सुमित, शमशेर, दिलप्रीत, गुरजंत, ललित, मनदीप। ये वो नाम हैं जिन्हें हमें भूलना नहीं चाहिए। टोक्यो ओलंपिक में भारतीय पुरुष हाॅकी टीम ने 23 गोलकर दागकर अपना सफर समाप्त किया है।

हरमनप्रीत ने दागे सबसे ज्यादा गोल
टोक्यो ओलंपिक में हरमप्रीत सबसे ज्यादा गोल दागने वाले भारतीय रहे हैं। उन्होंने 6 गोल दागे। यानी कि 23 गोल में से आधा दर्जन गोल अकेले हरमनप्रीत सिंह की स्टिक से निकले। दूसरे जांबाज रूपिंदर पाल सिंह रहे हैं जिन्होंने 4 गोल दागे। इनके सभी गोल पेनाल्टी कॉर्नर पर आए हैं जिससे पता चलता है कि इन्हें क्यों ड्रैग फ्लिक स्पेशलिस्ट कहा जाता है। सिमरनजीत ने 3 गोल किए हैं जबकि दिलप्रीत, हार्दिक और गुरजंत ने 2-2 गोल टूर्नामेंट में करते हुए देश के लिए मेडल लाने में अहम योगदान दिया। कप्तान मनप्रीत सिंह, विवेक प्रसाद और वरूण कुमार ने 1-1 गोल करते हुए अपनी भूमिका निभाई।
ओलंपिक में भारतीय हाॅकी टीम सबसे आगे, जानिए कितने मेडल जीत चुकी है

41 साल बाद आया मेडल
यह जीत खास है क्योंकि भारतीय हाॅकी टीम 41 साल बाद ओलंपिक में मेडल जीतने में कामयाब हुई है। भारत ने आखिरी बार 1980 के मास्को ओलंपिक में गोल्ड मेडल जीता था। चारों तरफ से खिलाड़ियों की प्रशंसा हो रही है। यहां तक कि पंजाब सरकार व मध्य प्रदेश की सरकार ने ऐलान कर दिया है कि वो अपने खिलाड़ियों को 1-1 करोड़ का नकद इनाम देगी। भारत की जीत के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी मनप्रीत से फोन पर बात करते हुए जीत की शुभकामनाएं दीं। यह जीत कई मायने रखती है।


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