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नई दिल्ली।
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार निरोधी इकाई (एसीएसयू) के प्रमुख ने सोमवार को दिल्ली पुलिस प्रमुख से मुलाकात कर
स्पॉट फिक्सिंग मामले में मदद की इच्छा जाहिर की। साथ ही साथ उन्होंने राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी से तीनों दागी खिलाड़ियों के खिलाफ प्रथम सूचना रिपोर्ट (एफआईआर) दाखिल करने का अनुरोध किया।
दिल्ली पुलिस आयुक्त नीरज कुमार से आधे घंटे की मुलाकात के बाद संवाददाताओं से बातचीत के दौरान एसीएसयू के प्रमुख रवि सावानी ने कहा कि आयुक्त के साथ उनकी बैठक 'सफल रही' और उन्होंने 'सहयोग का वादा' किया है। सावानी ने कहा, मैं राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी से अनुरोध करूंगा कि वह स्पॉट फिक्सिंग मामले में गिरफ्तार अपने खिलाड़ियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करे। इस बीच, अनुशासनात्मक जांच जारी है और इन खिलाड़ियों के खिलाफ इसकी रिपोर्ट के आधार पर कदम उठाए जाएंगे।
बीसीसीआई ने इस मामले को गम्भीरता से लेते हुए रविवार को अपनी कार्यकारिणी की आपात बैठक में कुछ अहम कदम उठाए थे। बोर्ड ने कहा कि अब आगे से
इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) के लिए खिलाड़ियों के एजेंटों को भी मान्यता (एक्रीडेशन) दिया जाएगा और प्रत्येक टीम के साथ आईसीसी की भ्रष्टाचार निरोधी इकाई (एएचसीयू) के अधिकारी सफर किया करेंगे।
इस बैठक में राजस्थान रॉयल्स के अधिकारियों को भी बुलाया गया था। इन अधिकारियों ने भी पकड़े गए तीनों खिलाड़ियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने की इच्छा जाहिर की थी। उल्लेखनीय है कि दिल्ली पुलिस ने बुधवार देर रात राजस्थान रॉयल्स फ्रेंचाइजी के तीन खिलाड़ियों-शांताकुमारन श्रीसंत, अजीत चंदेला और अंकित चव्हाण को स्पॉट फिक्सिंग के आरोपों के तहत गिरफ्तार किया। इस मामले में गुरुवार को 11 सटोरिये भी दबोचे गए।
इन सबको गुरुवार को दिल्ली की एक अदालत में पेश किया गया, जिसने इन्हें पांच दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया। इन खिलाड़ियों ने अपने ऊपर लगे आरोप स्वीकार कर लिए। दिल्ली पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है। पुलिस ने कहा है कि जांच के दौरान इस मामले में मुम्बई अंडरवर्ल्ड का हाथ होने का संकेत मिला है।
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Story first published: Monday, May 20, 2013, 16:30 [IST]
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May 20, 2013