
हरभजन सिंह
1998 में हभजन सिंह को टीम में गांगुली के चलते जगह मिली, उस वक्त भज्जी गेंदबाजी एक्शन को लेकर विवादों में थे। 2001 में कुंबले के घायल होने के बाद भज्जी ने खुद को टीम में स्थापित किया था।

युवराज सिंह
आईसीसी नॉकआउट सीरीज में गांगुली ने युवराज सिंह को मौका दिया था, युवराज ने इस मौके का भरपूर इस्तेमाल किया और खुद को टीम में स्थापित किया था। युवी खुद भी गांगुली का बेहतरीन कप्तान बताते हुए कहा कि मैंने उनसे बहुत कुछ सीखा है।

मोहम्मद कैफ
मोहम्मद कैफ नेटवेस्ट सीरीज में इंग्लैंड के खिलाफ शानदार पारी खेली थी, यह वही मैच था जब दादा ने अपनी टी शर्ट उतारकर टीम इंडिया के दमखम को विश्व क्रिकेट में स्थापित किया था। सातवें नंबर पर बल्लेबाजी करने वाले कैफ हमेशा ही मैच विनिंग पारी के लिए याद किये जाते हैं।

जहीर खान
रणजी ट्राफी में बेहतरीन प्रदर्शन के चलते जहीर को को टीम इंडिया में मौका मिला और गांगुली ने उन्हें आईसीसी नॉकआउट सीरीज में गेंदबाजी की शुरुआत करने की जिम्मेदारी सौंप दी, अपने पहले ही मैच में स्टीव वॉ और गिलक्रिस्ट का विकेट झटका।

नजफगढ़ के नवाब सहवाग
गांगुली ने सहवााग अपनी सलामी बल्लेबाजी के स्थान पर मौका दिया, सहवाग खुद मानते हैं कि गांगुली के वह हमेशा आभारी रहेंगे। गांगुली के फैसले को सही साबित करते हुए उन्होंने बल्लेबाजी की नयी विधा शुरु की।


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