IND vs NZ: इन 5 कारणों के चलते भारत ने न्यूजीलैंड के खिलाफ गंवाई सीरीज
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच वनडे सीरीज के आखिरी मैच में कीवी टीम ने बे ओवल के मैदान पर भारतीय टीम को धूल चटा कर वनडे सीरीज में क्लीन स्वीप कर दिया। वनडे सीरीज के आखिरी मैच में कीवी टीम ने भारत को पांच विकेट से हराकर सीरीज में टी20 सीरीज की हार का बदला वनडे में 3-0 से क्लीन स्वीप करके लिया। पहले बल्लेबाजी का न्यौता मिलने पर भारतीय टीम ने लोकेश राहुल (112), श्रेयस अय्यर (62), मनीष पांडे (42) के दम पर 7 विकेट खोकर 296 रन का स्कोर बनाया, जिसे कीवी टीम ने 17 गेंद पहले 5 विकेट खोकर हासिल कर लिया। भारत को 14 साल बाद किसी द्विपक्षीय सीरीज में क्लीन स्वीप झेलना पड़ा है, जबकि 31 साल बाद विदेशी सरजमीं पर क्लीन स्वीप का सामना करना पड़ा।
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भारत से मिले 297 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी न्यूजीलैंड को मार्टिन गुप्टिल (66) और हेनरी निकोलस (80) ने पहले विकेट के लिए 106 रनों की शतकीय साझेदारी करके कीवी टीम को शानदार शुरुआत दी। वनडे सीरीज के अंत के साथ ही आइये उन अहम कारणों पर नजर डालें जिसकी वजह से भारत को सीरीज गंवानी पड़ी:
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तेज गेंदबाजों का पावरप्ले में फ्लॉप शो
न्यूजीलैंड दौरे से पहले भारतीय टीम के तेज गेंदबाजों को दुनिया भर के दिग्गज खिलाड़ियों की तारीफ मिली थी। हालांकि वनडे सीरीज के दौरान भारतीय गेंदबाजों ने बहुत निराश किया। जसप्रीत बुमराह को छोड़कर भारतीय टीम के अन्य तेज गेंदबाज शार्दुल ठाकुर, नवदीप सैनी बुरी तरह फ्लॉप साबित हुए।
पावरप्ले के दौरान भारतीय गेंदबाज विकेट निकाल पाने में नाकाम रहे।शार्दुल ठाकुर को सीरीज में चार विकेट जरूर मिले लेकिन उनका इकोनॉमी आठ के पार रहा। वहीं गेंदबाज नवदीप सैनी ने दो मैचों में 116 रन लुटाए और एक विकेट भी हासिल कर पाने में नाकाम रहे।

जसप्रीत बुमराह का विकेटलेस रहना
न्यूजीलैंड के खिलाफ भारत के नंबर 1 तेज गेंदबाज और यॉर्कर किंग जसप्रीत बुमराह ने शर्मनाक रिकॉर्ड बना लिया। 2016 में भारतीय टीम के लिये डेब्यू करने वाले इस खिलाड़ी के लिये यह पहली ऐसी सीरीज रही जिसमें वह एक भी विकेट निकाल पाने में असफल रहे। भले ही जसप्रीत बुमराह अन्य गेंदबाजों के मुकाबले किफायती साबित हुए लेकिन 3 मैचों की वनडे सीरीज में एक भी विकेट निकाल पाने में नाकाम रहे। वहीं इस सीरीज के दौरान तेज गेंदबाज स्पिन के मुकाबले ज्यादा महंगे साबित हुए।

भारतीय टीम के टॉप ऑर्डर का फ्लॉप शो
कीवी टीम के खिलाफ वनडे सीरीज में शिखर धवन -रोहित शर्मा की गैर-मौजूदगी में विराट कोहली ने मयंक अग्रवाल और पृथ्वी शॉ को सलामी बल्लेबाजी की जिम्मेदारी दी। वनडे सीरीज में डेब्यू करने वाली इस जोड़ी ने पूरी सीरीज के दौरान निराश किया।
पहले मैच में इन दोनों बल्लेबाजों ने जरूर टीम के लिए 50 रन जोड़े थे लेकिन व्यक्तिगत तौर पर दोनों ही बल्लेबाज अपनी छाप छोड़ने में सफल नहीं हो सके। पृथ्वी शॉ ने तीन मैचों में 84 रन जोड़े। इस दौरान उनका टॉप स्कोर 40 का रहा वहीं उनके जोड़ीदार मयंक अग्रवाल की हालत और भी खराब रही और पूरी सीरीज में उनके बल्ले से मात्र 36 रन निकले।

फील्डिंग में भारतीय टीम का खराब स्तर
अपनी शानदार फील्डिंग के लिये मशहूर भारतीय टीम इस सीरीज के दौरान इस विभाग में भी पिछड़ी नजर आई और बहुत साधारण फील्डिंग की जिसके चलते पहले मैच में रोस टेलर का अहम कैच छोड़ा खामियाजे के तौर पर 347 रन बचा पाने में नाकाम रही। दूसरे मैच में भी ऐसा ही देखने को मिला। तीसरे मैच के दौरान ओवर थ्रो और रन आउट का अंबार देखने को मिला।
भारतीय फील्डिंग के खराब स्तर को देखते हुए भारत के महान बल्लेबाज सुनील गावस्कर ने चिंता जाहिर की और खिलाड़ियों को कड़ी फटकार लगाई थी।

रोहित शर्मा की गैर-मौजूदगी
न्यूजीलैंड के खिलाफ टी20 सीरीज के आखिरी मैच में चोटिल होकर कीवी दौरे से बाहर हो जाने वाले सलामी बल्लेबाज रोहित शर्मा की कमी वनडे सीरीज में साफ-साफ देखने को मिली। उनकी गैर-मौजूदगी में जहां भारतीय टॉप ऑर्डर बिखरा नजर आया वहीं मयंक अग्रवाल और पृथ्वी शॉ भारत को शुरुआत देने में असफल रहे।
रोहित शर्मा अपनी टीम को बढ़िया और तेज शुरुआत देने के लिए जाने जाते हैं। उनके ना रहने का भारतीय टीम को खामियाजा भुगतना पड़ा और टीम को अच्छी शुरुआत नहीं मिली जिसकी वजह से टीम को सीरीज में हार का सामना करना पड़ा।
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