
जानें क्या है पूरा मामला
दरअसल पिछले साल सैयद मुश्ताक अली टी20 ट्रॉफी के दौरान हुई मारपीट मामले में डीडीसीए के तत्कालीन कोच अमित भंडारी ने क्रिकेटर अनुज डेढ़ा और उनके साथी के खिलाफ केस दर्ज कराया था। लेकिन इस मामले में नया मोड़ तब आया जब अनुज डेढ़ा ने अपनी शिकायत में अमित भंडारी पर पैसा मांगने का आरोप लगाया और न मिलने पर पहले मार-पीट करने की शिकायत की।
कश्मीरी गेट थाना पुलिस ने मंगलवार को इस मामले में अमित भंडारी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की और इसमें भंडारी के अलावा पूर्व खिलाड़ी और चयनकर्ता सुखविंदर सिंह और रणजी टीम के चीफ कोच रहे मिथुन मन्हास को भी आरोपी बनाया है।

अनज डेढ़ा ने अमित भंडारी पर लगाये यह आरोप
18 फरवरी 2010 को दर्ज एफआईआर के अनुसार अनुज डेढ़ा पुलिस के सामने अमित भंडारी पर चयन के लिये रिश्वत मांगने का आरोप लगाया। अनुज ने अपनी शिकायत में साफ किया है कि पिछले साल जब डीडीसीए के सेलेक्शन ट्रायल जारी थे तो उन्होंने इसमें बेहतरीन प्रदर्शन किया। चयनकर्ताओ ने टीम में चयन के लिये उन्हें शार्टलिस्ट किया और ट्रायल मैच खिलाये।
अनुज डेढ़ा ने दावा किया कि ट्रायल मैचों के दौरान उन्होंने रणजी खिलाड़ी जोंटी सिद्धू समेत कई प्रतिभाशाली बल्लेबाजों की विकेट चटकाई। जिसे देखकर तत्कालीन डीडीसीए चीफ सिलेक्टर अमित भंडारी और सुखविंदर सिंह प्रदर्शन से काफी प्रभावित हुए।

चयन के लिये मांगे थे 25 लाख
अनुज डेढ़ा ने दावा किया प्रदर्शन से खुश दोनों चयनकर्ताओं ने उनसे उनके परिवार की जानकारी मांगी और भाई अमित डेढ़ा को मिलने के लिये बुलाया। जहां पर दोनों चयनकर्ताओं ने टीम में चयन के लिये उनके भाई से 25 लाख रुपये की मांग की। हालांकि अनुज के बड़े भाई ने पैसा देने से इंकार कर दिया तो उन्होंने दोबारा मिलने के लिये बुलाया और 15 लाख की डिमांड की।
जब उन्होंने यह देने से भी इंकार किया तो दोनों चयनकर्ता गुस्सा हो गये और अनुज डेढ़ा पर एकता क्लब लीग से खेलने पर बैन लगाने की धमकी दी। इसके बाद रणजी टीम में उनका चयन नहीं किया गया।

पैसे मिल जाते तो हो जाता चयन
अनुज ने आरोप लगाया कि इसके बाद जब वह 11 फरवरी 2019 को सेंट स्टीफंस ग्राउंड पर सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के चयन के लिये पहुंचे तो अमित भंडारी ने उन्हें अपने पास बुलाकर कहा कि अगर तुम्हारा भाई पैसे दे देता तो चयन हो सकता था। यह बात सुनकर जब अनुज ने उनकी बात का विरोध किया तो वहां खड़े सुखविंदर सिंह ने डेढ़ा को थप्पड़ जड़ दिया।
इसके बाद अमित भंडारी ने उन्हे धक्का दिया और सुखविंदर सिंह ने दबोच लिया। इसके बाद मिथुन मन्हास समेत तीनों पूर्व खिलाड़ियों ने उन्हें पीटना शुरू कर दिया। जब अनुज ने बचने की कोशिश की तो सुखविंदर सिंह ने उनका रास्ता रोक लिया।
अनुज भंडारी ने बल्ला उठाकर उनके सिर पर दे मारा, जिससे खून निकलने लगा। अनुज ने आरोप लगाया है कि दबाव में पुलिस ने उलटा उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया।

जानें क्या है अमित भंडारी का आरोप
वहीं अनुज डेढ़ा को लेकर डीडीसीए के तत्कालीन चीफ सिलेक्टर अमित भंडारी ने आरोप लगाया था कि इस खिलाड़ी ने हॉकी और डंडो से लैस करीब एक दर्जन हमलावरों के साथ सेंट स्टीफंस ग्राउंड पर उन पर और साथियों पर हमला किया था।
अमित भंडारी ने आरोप लगाया कि वह टीम में खुद के चयन न होने को लेकर सवाल कर रहा था। इस दौरान सुखविंदर सिंह और मिथुन मन्हास उनके करीब बैठे थे। अमित भंडारी ने दावा किया था कि डेढ़ा के सिर पर चोट ग्राउंड के गेट पर टकराने से लगी थी।


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