जब शिवम दुबे की 'पावर हिटिंग' देख उनके पिता से लोग पूछते थे- इसे खिलाते क्या हो?

An emotional father and son story behind the success of RCB star shivam dubey

नई दिल्ली। वैसे तो गरीबी में पलकर शोहरत की बुलंदियों को छूने की कहानियां सबको प्रेरणा देती हैं, पर शिवम के क्रिकेटर बनने की कहानी कुछ अलग है। शिवम की परवरिश एक संपन्न परिवार में हुई थी, पर उसे क्रिकेटर बनाने में लगे पिता के जुनून के चलते उन्हें अपनी फैक्ट्री गंवानी पड़ी। इसके बाद शुरू हुए मुफलिसी के दौर में भी शिवम के पिता ने हार नहीं मानी। आखिरकार पांच छक्के लगाने के बाद आईपीएल में पांच करोड़ी खिलाड़ी बने शिवम ने पिता के सपनों को पंख दे दिया। उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के मानिकपुर गांव के मूल निवासी शिवम के पिता राजेश दुबे पूर्व मंत्री व सांसद रमेश दुबे के छोटे भाई हैं। परिवार के लोगों ने शिवम के क्रिकेट खेलने को लेकर विरोध भी किया लेकिन शिवम के पिता बेटे के साथ डटकर खड़े रहे। शिवम जब 7 साल का था तभी उसके पिता राजेश ने उसे क्रिकेटर बनाने की जो ठान ली तो और फिर मुड़कर नहीं देखा।

शुरू में पिता फिर पूर्व क्रिकेटर चंद्रकांत ने दी ट्रेनिंग

शुरू में पिता फिर पूर्व क्रिकेटर चंद्रकांत ने दी ट्रेनिंग

शिवम के पिता राजेश दुबे सात वर्ष की उम्र के शिवम को क्रिकेटर बनाने के लिए भदोही से मुंबई लेकर आए। मुंबई के अंधेरी स्थित दुबे बिल्डिंग कॉम्लेक्स में पिच बनाकर उसे क्रिकेट खेलने का अभ्यास करना शुरू कराया। उम्र बढ़ने के बाद शिवम को भी क्रिकेटर बनने का जुनून सवार हो गया और वह प्रारंभिक कोच के रूप में पिता से क्रिकेट के गुण सीखने लगे। शिवम के पिता मुंबई के पूर्व कोच चन्द्रकान्त पंडित के मार्ग निर्देशन में शिवम का अभ्यास कराते रहे। शिवम को क्रिकेटर बनाने में राजेश दुबे इतने लीन हो गए कि आठ वर्षों तक अपनी फैक्ट्री व व्यवसाय अपने घनिष्ठ मित्रों व सम्बन्धियों के भरोसे छोड़ दिया। इस दौरान परिस्थितियां विपरीत हुई। उनका व्यवसाय संभालने वालों से उन्हें धोखा मिला और राजेश दुबे सदमे में आ गए। परिवार ने उन्हें संभाला। इस दौरान शिवम भी क्रिकेट से दूर हो गया।

IPL Auction 2019 : कौन है आईपीएल इतिहास का सबसे युवा करोड़पति खिलाड़ी प्रयास राय बर्मन

चार साल बाद पिता ने फिर उठाया बीड़ा

चार साल बाद पिता ने फिर उठाया बीड़ा

बिजनेस में मिले धोखे से राजेश दुबे सदमे में चले गए। परिवार भी तंगहाली के दौर में आ गया। लोगों ने ताने तक मारना शुरू कर दिया कि बेटे को क्रिकेटर बनाने चले थे और हो कुछ और गया। लेकिन समय ने फिर करवट ली और चार वर्ष बाद राजेश ने शिवम को क्रिकेटर बनाने का बीड़ा उठा लिया। शिवम की काबिलियत को देखते हुए उसे मुंबई के कप्तान अभिषेक नायर का मार्गदर्शन मिला। शिवम को लगातार अच्छे प्रदर्शन का फल मिला और उनका चयन मुंबई की टीम में हो गया। इसके बाद शिवम का बल्ला और गेंद दोनों आग उगलने लगे। निचले क्रम पर बैटिंग करते हुए शिवम को जब भी मौका मिलता वह अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते, साथ ही टीम को भी मुश्किलों से उबारते। प्रवीण तांबे के एक ओवर में पांच छक्के लगाने के बाद हाल ही में बड़ौदा के खिलाफ एक ओवर में पांच छक्के लगाकर उनका नाम क्रिकेट गलियारे की सुर्खियों में आ गया। खासकर उसके ऑल राउंडर प्रदर्शन की तारीफ काफी हुई।

7 अलग-अलग तरह की गेंदें फेंकता है यह 'मिस्ट्री स्पिनर',8.4 करोड़ में लगी बोली तो हरभजन भी हुए मुरीद

फिटनेस व पावर देख सभी पूछते क्या खिलाते हो

फिटनेस व पावर देख सभी पूछते क्या खिलाते हो

इसका इनाम उसे आईपीएल की नीलामी में मिला। विराट कोहली की कप्तानी वाली रॉयल चैलेंजर बैंगलूरु की टीम ने शिवम को पांच करोड़ की बोली में खरीद लिया। बड़ी बात कि पांच करोड़ में बिकने वाले शिवम एक अनकैप्ड खिलाड़ी हैं, यानी की उन्होंने अभी तक एक भी अंतरराष्ट्रीय मैच नहीं खेला है। शिवम की फिटनेस पर भी उसके पिता राजेश दुबे ने काफी मेहनत की। राजेश दुबे ने एक बातचीत में बताया कि मैच के दौरान वे शिवम को लेकर जहां भी जाते हैं, लोग सबसे ज्यादा यही सवाल पूछते हैं कि आप शिवम को क्या खिलाते हो?

For Quick Alerts
ALLOW NOTIFICATIONS
For Daily Alerts

    क्रिकेट से प्यार है? साबित करें! खेलें माईखेल फेंटेसी क्रिकेट

    Story first published: Thursday, December 20, 2018, 15:31 [IST]
    Other articles published on Dec 20, 2018

    Latest Videos

    + More
    POLLS

    MyKhel से प्राप्त करें ब्रेकिंग न्यूज अलर्ट

    Notification Settings X
    Time Settings
    Done
    Clear Notification X
    Do you want to clear all the notifications from your inbox?
    Settings X
    We use cookies to ensure that we give you the best experience on our website. This includes cookies from third party social media websites and ad networks. Such third party cookies may track your use on Mykhel sites for better rendering. Our partners use cookies to ensure we show you advertising that is relevant to you. If you continue without changing your settings, we'll assume that you are happy to receive all cookies on Mykhel website. However, you can change your cookie settings at any time. Learn more