
संन्यास के बाद ज्यादातर खिलाड़ी कहते हैं पाजी
उल्लेखनीय है कि सचिन तेंदुलकर ने जब से क्रिकेट के मैदान से संन्यास लिया है तब से उन्हें मौजूदा और पूर्व क्रिकेटर साथी उन्हें पाजी कहकर पुकारते हैं जिसका मतलब 'बड़ा भाई' होता है। आशीष नेहरा ने बताया कि यह शब्द सचिन के सम्मान में बोला जाता है जो साल 2003 विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ उनकी 98 रनों की पारी के बाद से खिलाड़ियों ने उनके नाम के साथ जोड़ा और उन्हें 'पाजी' कहना शुरू किया।
स्टार स्पोटर्स से बातचीत में नेहरा ने कहा, 'इससे पहले हम उन्हें सचिन या सचिन भाई कहा करते थे। लेकिन 'पाजी' शब्द पहली बार 2003 के वर्ल्ड कप के बाद इस्तेमाल में आया।'

हरभजन की वजह से सचिन बने पाजी
स्टार स्पोर्टस के वॉच अलॉन्ग एपिसोड शो में नेहरा ने 17 साल पुराने भारत बनाम पाकिस्तान मैच से वापस होटल जाते हुए सफर को याद करते हुए कहा, ' उस रात स्टेडियम से होटल आते समय हरभजन सिंह ने पीछे बैठकर गाना शुरू किया 'पाजी नम्बर 1'। इसके बाद सबने सचिन को पाजी कहना शुरू कर दिया। उससे पहले सिर्फ एक पाजी होते थे, और वह थे कपिल पाजी।'

तेंदुलकर की बदौलत भारत ने जीता था मैच
गौरतलब है कि सचिन तेंदुलकर की सेंचुरियन के मैदान पर खेली गई 98 रन की उस पारी की बदौलत भारत ने पाकिस्तान पर यादगार जीत हासिल की थी। इस पारी के साथ सचिन तेंदुलकर ने वनडे प्रारूप में अपने 12 हजार रन पूरे किये थे। वहीं भारत ने उस मैच में पाकिस्तान के 273 रनों को छह विकेट खोकर पार कर लिया था। इस मैच को सचिन के शोएब अख्तर की गेंद पर लगाए उस छक्के के लिए भी याद किया जाता है।


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