Notifications
Settings
Clear Notifications
Notifications
Use the toggle to switch on notifications
  • Block for 8 hours
  • Block for 12 hours
  • Block for 24 hours
  • Don't block

कोच पद के प्रबल दावेदार रवि शास्त्री के कार्यकाल में टीम इंडिया ने क्या पाया और क्या खोया

नई दिल्ली: भारतीय क्रिकेट टीम के हेड कोच की चयन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और कपिल देव की अध्यक्षता वाली क्रिकेट सलाहकार समिति बारी-बारी से सभी 6 उम्मीदवारों के लिए इंटरव्यू ले रही है। इन 6 उम्मीदवारों में रवि शास्त्री, टॉम मूडी, माइक हेसन, फिल सिमंस, लालचंद राजपूत और रॉबिन सिंह शामिल हैं। शुक्रवार की शाम यानी 16 अगस्त 7 बजे के आसपास बीसीसीआई एक प्रेस कांफ्रेस के जरिए टीम इंडिया के नए हेड कोच की घोषणा कर देगा। एक बार फिर से सभी दिग्गजों में रवि शास्त्री का दावा काफी मजबूत माना जा रहा है। 2017 में सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और वीवीएस लक्ष्मण की चयन समिति द्वारा शास्त्री का चयन किया गया था। उसके बाद से ही अब तक शास्त्री और टीम इंडिया ने काफी लंबा सफर तय किया है। उनको विराट कोहली समेत टीम के अन्यों सदस्यों का भी भरोसा प्राप्त है। ऐसे में शास्त्री के अब तक के कार्यकाल पर नजर डालते हैं, उन्होंने क्या उपलब्धि हासिल की और कहां पर और बेहतर करने की कसक बाकी रह गई।

टेस्ट क्रिकेट: क्या पाया, क्या खोया

टेस्ट क्रिकेट: क्या पाया, क्या खोया

टेस्ट क्रिकेट की बात करें तो भारत ने ऑस्ट्रेलिया को उसकी ही धरती पर हराकर ऐसी पहली एशियाई टीम होने का तमगा हासिल किया। यह जीत साल 2018-19 के ऑस्ट्रेलिया दौरे पर मिली थी। इस सीरीज में भारत ने कंगारूओं को 2-1 से हराया था। यह ऐतिहासिक सीरीज जीत शास्त्री के कोचिंग करियर के लिए सबसे बड़ी मानी जा सकती है। हालांकि शास्त्री के कार्यकाल में ही भारत को इंग्लैंड की धरती पर 1-4 से हार झेलनी पड़ी। इस दौरे पर सीरीज हारने के बाद भी शास्त्री ने कहा था कि यह 15-20 सालों में किसी विदेशी दौरे पर जाने वाली सर्वश्रेष्ठ भारतीय टीम है। शास्त्री के इस बयान की काफी आलोचना हुई थी। इस बयान के चलते शास्त्री की इमेज ना केवल रातों-रात खराब हुई बल्कि सुनील गावस्कर और सौरव गांगुली जैसे दिग्गजों ने भी शास्त्री की धज्जियां उड़ाने में कोई कोताही नहीं बरती। इससे पहले भारत दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी उसकी ही धरती पर टेस्ट सीरीज हार गया था।

ODI: क्या मिला क्या गंवाया

ODI: क्या मिला क्या गंवाया

वहीं अगर ODI क्रिकेट की बात करें तो भारत ने शास्त्री के कार्यकाल में श्रीलंका, ऑस्ट्रेलिया, न्यूजीलैंड, श्रीलंका और दक्षिण अफ्रीका को हराया लेकिन इंग्लैंड के खिलाफ टीम इंडिया को मात मिली। इंग्लैंड के थकाने वाले दौरे के बाद टीम इंडिया ने फिर कोहली के बिना एशिया कप भी जीता। भारत की यह फॉर्म पिछले साल वेस्टइंडीज और बाद में ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के दौरे पर भी जारी रही। अब भी भारत ने वेस्टइंडीज की धरती पर ODI सीरीज जीत ली है। लेकिन द्विपक्षीय सीरीज की यह खूबसूरत कहानी विश्व कप जैसे बड़े टूर्नामेंट में नहीं दोहराई गई और विश्व कप जीतने का प्रबल दावेदार भारत सेमीफाइनल में न्यूजीलैंड के खिलाफ अप्रत्याशित हार के साथ बाहर हो गया। इससे पहले जब शास्त्री टीम के डायरेक्टर थे तब भी भारत 2015 के विश्व कप में सेमीफाइनल में पहुंचकर बाहर हो गया था। इतना ही नहीं, अपने कार्यकाल में शास्त्री नंबर चार पर ठोस बल्लेबाज ना होने का रोना रोते रहे जबकि हकीकत में भारत ने इस नंबर पर दर्जनों बल्लेबाजों को आजमाया।

हेड कोच चयन के लिए कपिल देव का पैनल तैयार, रवि शास्त्री का दावा फिर मजबूत

फटाफट क्रिकेट में कहां पहुंचे हम

फटाफट क्रिकेट में कहां पहुंचे हम

अगर टी20 क्रिकेट की बात करें तो भारत ने इस फार्मेट में भी वही टीम कमोबश खिलाई जो वनडे में खिलाई थी। केवल क्रुणाल पांड्या ही अभी तक विशेषज्ञ टी20 स्पेशियलिस्ट के तौर पर खेलते हैं। ऐसे में भारत के सामने यह बड़ा सवाल है कि अगले साल होने वाली टी20 विश्व कप के लिए वह मौजूदा फार्मूले पर ही कायम रहता है या फिर एक अलग टी20 टीम खड़ी कर सकता है। कुल मिलाकर भारतीय टीम शास्त्री के अंडर में द्विपक्षीय सीरीज में 32 टी20 मैच खेली है जिसमे 24 मैच भारत जीतने में कामयाब रहा है।

Story first published: Friday, August 16, 2019, 13:31 [IST]
Other articles published on Aug 16, 2019
Gender
Select your Gender
  • Male
  • Female
  • Others
Age
Select your Age Range
  • Under 18
  • 18 to 25
  • 26 to 35
  • 36 to 45
  • 45 to 55
  • 55+