Ashes: इंग्लैंड की वो 3 गलतियां जो टीम पर पड़ी भारी, लगातार दूसरे मैच में बनी शर्मनाक हार का कारण
नई दिल्ली। ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की एशेज टेस्ट सीरीज का दूसरा मैच भी कंगारू टीम की जीत के साथ खत्म हुआ, जहां पर मैच के आखिरी दिन इंग्लिश बल्लेबाजों ने जुझारू पन दिखाया लेकिन आखिरी के 20 ओवर्स को खेल पाने में नाकाम रहे और दूसरी पारी में 192 रन पर ऑल आउट हो गये। वहीं ऑस्ट्रेलिया के लिये झॉय रिचर्डसन ने दूसरी पारी में शानदार गेंदबाजी की और अपने टेस्ट करियर के तीसरे मैच में पहली बार 5 विकेट हॉल लेकर कंगारू टीम को 275 रनों की विशाल जीत दिलाई। ऑस्ट्रेलिया की टीम ने गाबा के मैदान पर खेले गये सीरीज के पहले मैच में भी 9 विकेट से जीत हासिल की थी, जिसके बाद एडिलेड में खेले गये पिंक बॉल टेस्ट मैच में 275 रनों से जीत हासिल कर लगातार दूसरे मैच में इंग्लिश टीम को शर्मनाक तरीके से हराया है।
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इस हार के साथ ही इंग्लैंड की टीम के लिये विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में स्थिति मुश्किल हो गई है। विश्व टेस्ट चैम्पियनशिप में अब तक 6 मैच खेल चुकी इंग्लैंड की टीम को सिर्फ एक ही मैच में जीत मिली है जबकि 1 में ड्रॉ का सामना करना पड़ा है। इतना ही नहीं इंग्लैंड के पास कुल 16 अंक थे लेकिन 10 अंक वो स्लो ओवर रेट की पेनाल्टी के तहत गंवा चुकी है, ऐसे में उसका जीत प्रतिशत सिर्फ 8.33 प्रतिशत रह गया है और उसका टेस्ट चैम्पियनशिप के दूसरे संस्करण में वापसी कर पाना मुश्किल होता जा रहा है। इंग्लैंड के बल्लेबाजों ने एडिलेड टेस्ट को ड्रॉ कराने के लिये मैच के आखिरी दिन काफी संंघर्ष किया लेकिन टीम ने पहले 3 बड़ी गलतियां कर दी थी जिसके चलते उसका वापसी कर पाना नामुमकिन हो गया।

बिना स्पिनर के एडिलेड में उतरना पड़ा भारी
एडिलेड के मैदान पर खेले गये इस टेस्ट मैच में इंग्लैंड की टीम से जो सबसे बड़ी गलती हुई वो थी टीम सेलेक्शन में, कप्तान जो रूट ने मैच से एक दिन पहले ही 12 सदस्यीय टीम का ऐलान कर दिया था, जिसमें इकलौते स्पिनर के रूप में जैक लीच का नाम शामिल किया गया था। हालांकि गाबा टेस्ट मैच के दौरान जैक लीच काफी महंगे साबित हुए थे, जिसके बाद उन्हें इस मैच से बाहर रखा जाना लगभग तय था। यह वो पहली गलती थी जो इस मैच में इंग्लैंड की टीम पर काफी भारी पड़ा।
एडिलेड के मैदान की बात करें तो इतिहास गवाह रहा है कि इस पिच पर स्पिनर्स को मदद मिलती है, लेकिन डे-नाइट प्रारूप होने की वजह से इंग्लैंड ने पेसर्स के साथ जाने का फैसला किया। एडिलेड के मैदान पर सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाजों की बात करें तो टॉप 2 पर ऑस्ट्रेलियाई स्पिनर्स शेन वॉर्न और नाथन लॉयन का नाम काबिज है। लॉयन ने इस मैच में भी शानदार गेंदबाजी की और 5 विकेट अपने नाम किये। वहीं इंग्लैंड की टीम के पास स्पिनर्स न होने की वजह से ऑस्ट्रेलिया ने पहली पारी में 473 रनों का विशाल स्कोर खड़ा किया, वहीं जब कप्तान जो रूट को अपनी गलती का एहसास हुआ तो उन्होंने स्पिन की कमी पूरी करने के लिये डेविड मलान के साथ खुद गेंदबाजी की। वहीं दूसरी पारी में तेज गेंदबाज ऑली रॉबिन्सन भी ऑफ स्पिन फेंकते नजर आये। इंग्लैंड के लिये इन खिलाड़ियों ने 7 विकेट जरूर चटकाये पर एक मुख्य स्पिनर टीम में शामिल होता तो इंग्लिश गेंदबाजी ज्यादा प्रभावी होती।

गलतियों से नहीं सीख रहे बल्लेबाज
इंग्लैंड के लिये इस मैच हार की जो दूसरी सबसे बड़ी वजह रही वह थी बल्लेबाजों का गलतियों से कोई सीख न लेना। गाबा टेस्ट में अच्छी शुरुआत दिलाने में नाकाम रही ओपनिंग जोड़ी का खराब प्रदर्शन एडिलेड में भी जारी रहा और दोनों बल्लेबाज वही गलतियां दोहराते नजर आये जो उन्होंने पहले टेस्ट मैच में की थी। इंग्लिश बल्लेबाजों की बात करें तो कप्तान जो रूट और डेविड मलान को छोड़कर ज्यादातर बल्लेबाजों ने निराश किया है और जल्दबाजी में नजर आये। पहली पारी में खराब प्रदर्शन के बाद जब इंग्लैंड के सामने दूसरी पारी में 468 रनों का लक्ष्य मिला तो साफ था कि जो रूट की टीम को ड्रॉ के लिये जाना है। हालांकि ड्रॉ खेलने के चक्कर में उसका टॉप ऑर्डर कुछ ज्यादा ही डिफेंसिव हो गया और चौथे दिन का खेल खत्म होने तक 4 विकेट गंवा दिया। मैच के आखिरी दिन इंग्लैंड की टीम के लिये जो भी जुझारूपन बल्लेबाजों ने दिखाया वो उसके निचले क्रम के बल्लेबाजों से देखने को मिला। ऐसे में आगे जाते हुए इंग्लिश टीम के बल्लेबाजों को अपनी गलती सुधारने की जरूरत है वरना उसे एक बार फिर एशेज में हार का सामना करना पड़ेगा।

सुपर फ्लॉप रही एंडरसन-ब्रॉड की जोड़ी
इंग्लैंड के लिये टेस्ट क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट चटकाने वाले स्टुअर्ट ब्रॉड और जेम्स एंडरसन की जोड़ी को टीम मैनेजमेंट ने एक बार फिर से साथ उतारने का फैसला किया जो कि उसकी टीम पर काफी भारी पड़ा। इंग्लैंड की लिये घरेलू सीरीज में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली यह जोड़ी जब भी बाहर खेलने जाती है तो उतनी कामयाब नहीं होती है और यह सिलसिला इस मैच में भी जारी रहा। इंग्लैंड के लिये जहां जेम्स एंडरसन इस मैच में कुल 3 विकेट हासिल कर सके तो वहीं ब्रॉड के खाते में सिर्फ 2 विकेट आये। इतना ही नहीं इंग्लैंड के लिये मुख्य गेंदबाजों से ज्यादा विकेट पार्ट टाइम गेंदबाजों के खाते में गये जो कि उसकी परेशानी की वजह रहे। जब भी किसी टीम के लिये उसके मुख्य गेंदबाज विकेट निकालने में नाकाम रहते हैं तो वह टीम मुश्किलों से गुजरती है और यही संघर्ष हमें एडिलेड में इंग्लैंड के साथ भी नजर आया। एशेज में खेली गई अब तक की 4 पारियों में इंग्लैंड की टीम अब तक सिर्फ एक बार ही ऑस्ट्रेलिया के सभी 10 विकेट हासिल कर सकी है। आगे जाते हुए अगर इंग्लैंड को वापसी करनी है तो उसके मुख्य गेंदबाजों को ज्यादा विकेट हासिल करने होंगे।
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