चेन्नई| मंगलवार को भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की आपात बैठक हुई जिसमें यह तय हुआ कि बीसीसीआई फिक्सिंग करने वाले इंडियन प्रीमियर लीग (आईपीएल) प्रमुख सुंदर रमन और अध्यक्ष पद से निर्वासित चल रहे एन. श्रीनिवासन के खिलाफ फिलहाल कोई कार्रवाई नहीं करेगी।
बीसीसीआई के सचिव संजय पटेल ने कार्यकारी समिति की आपात बैठक के बाद कहा, "हमें सर्वोच्च न्यायालय में पूरा भरोसा है। न्यायालय में सभी को अपना पक्ष रखने का एक मौका दिया जाएगा और सुनवाई के बाद ही रमन का भाग्य तय होगा। मयप्पन और राज कुंद्रा सर्वोच्च न्यायालय में अपने-अपने मामले देखेंगे।"
लेकिन भारत के पूर्व कप्तान सुनील गावस्कर ने आईसीसी चेयरमैन एन श्रीनिवासन के रोल पर सवाल खड़े किये हैं। सुनील गावस्कर ने मेलबर्न में 'इंडिया टुडे ग्रुप' से बात करते हुए कहा कि अगर मयप्पन इस संगीन आरोप में शामिल थे तो उनके खिलाफ कड़ी कारर्वाई होनी चाहिए। गावस्कर ने साफ लफ्जों में कहा कि श्रीनिवासन को यह बताना होगा कि यदि वह जानते थे कि खिलाड़ी फिक्सिंग में लिप्त हैं तो उन्होंने उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों नहीं की।
आपको बता दें कि सोमवार को आईपीएल फिक्सिंग मामले में देश की सर्वोच्च अदालत में मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट ने बीसीसीआई के पूर्व अध्यक्ष एन श्रीनिवासन को क्लीन चिट तो देदी लेकिन उसने उनके दामाद मयप्पन और राज कुंद्रा को बैटिंग का दोषी बताया है, वहीं दूसरी ओर मुद्गल कमिटी की रिपोर्ट में किसी खिलाड़ी के नाम का खुलासा नहीं हुआ है।