सिडनी। विश्वकप के सबसे रोमांचक मैच के लिए टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी हर वो रणवीति अपना रहे हैं जिससे कंगारुओं को चारो खाने चित किया जा सके। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों से निपटने के लिए धोनी ने नयी तकनीक इजाद की है। जिससे कि भारतीय बल्लेबाजों को ऑस्ट्रेलिया के पेसर्स के सामने मुश्किलों का सामना नहीं करना पड़े।
महेंद्र सिंह धोनी ने टेनिस के रैकेट की मदद से भारतीय बल्लेबाजों को बाउंसर और तेज गेंदों का सामना करा रहे हैं। दरअसल टेनिस के रैकेट से टेनिस बॉल काफी तेज उछलती है। ऐसे में इस तकनीक के इस्तेमाल से भारतीय बल्लेबाज ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाजों का सामना करने में आसानी होगी।
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— BCCI (@BCCI) March 23, 2015 इससे पलहे धोनी ने पाकिस्तान के मुकाबले से पहले मोहम्मद इरफान की गेंदों का सामना करने के लिए स्टूल पर चढ़कर गेंदबाजी के जरिए भारतीय बल्लेबाजों की प्रैक्टिस करायी थी। मोहम्मद इरफान की लंबाई 7 फुट से भी ज्यादा है जिसके चलते उनकी गेंदें काफी उपर से आती है। कप्तान धोनी हर विरोधी टीम के मुकाबले से पहले उसके मुख्य ताकत का सामना करने के लिए ऐसी रणनीति बनाते हैं।
धोनी ने खुद टेनिस के रैकेट से सुरेश रैना को गेंदे डाली जिससे कि उन्हें बाउंसर खेलने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़े। धोनी ने रैकेट के जरिए तकरीबन 20 मिनट तक इस तकनीक का इस्तेमाल किया। यही नहीं रैना के बाद शिखर धवन को भी रैकेट के जरिए गेंदे डाली गयी। अब ऐसे में देखने वाली बात यह होती है कि धोनी का यह रैकेट फॉर्मूला काम आता है या नहीं।