-Staff
नागपुर, 11 नवंबर: विश्व चैंपियन ऑस्ट्रेलिया का खौफ हर टीम पर सिर चढ़कर बोलता रहा है, लेकिन बॉर्डर-गवास्कर सीरीज में जिस तरह टीम इंडिया ने उन्हें शिकस्त दी है, उसका श्रेय सिर्फ गेंदबाजों को जाता है। असल में भारत के गेंदबाजों ने ही बाजी पलटी है।
धोनी ने कहा कि लोग क्या कहते हैं इससे फर्क नहीं पड़ता। टीम इंडिया सर्वश्रेष्ठ है। यही सोचकर हमने यह सीरज जीतने का लक्ष्य बना लिया था और हम अंत तक उसी पर कायम रहे।
यह बात भारतीय क्रिकेट टीम के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी आस्ट्रेलिया के खिलाफ 2-0 से सीरीज जीतने के बाद कही। मीडिया से बातचीत के दौरान धोनी ने जीत का सेहरा मुख्य रूप से तेज गेंदबाजों के सिर पर बांधा।
मैच के बाद धोनी ने कहा कि जहीर खान और ईशांत शर्मा ने अपनी रिवर्स स्विंग गेंदों से मेहमान टीम की बखिया उधेड़ दी। कप्तान के मुताबिक भारतीय पिचों पर दोनों गेंदबाजों ने जिस समर्पण के साथ गेंदबाजी की, वह वाकई काबिलेतारीफ है।
धोनी ने कहा कि तेज गेंदबाजों ने हमारा काम आसान किया। उन्होंने ऐसी पिच पर विकेट हासिल किए, जहां तेज गेंदबाजों को ज्यादा मदद नहीं मिलती है। वैसे हमारे अनियमित गेंदबाजों ने भी बढ़िया प्रदर्शन किया।
बल्लेबाजों के बारे में धोनी ने कहा कि सलामी बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग और गौतम गंभीर भी सीरीज की जीत के पात्र हैं। उन्होंने कहा, शुरुआत कैसी मिलती है, इससे काफी फर्क पड़ता है। गौतम और सहवाग ने टीम के लिए कई अच्छी पारियां खेलीं, जिनके बूते टीम इंडिया बड़े स्कोर खड़े करने में कामयाब हुई।
धोनी का कहना है कि भारतीय टीम ने शुरुआत से सीरीज जीतने का लक्ष्य बना रखा था और अंत तक वह इस पर कायम रही।
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Story first published: Tuesday, November 11, 2008, 10:37 [IST]
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Nov 11, 2008