
पंखे से लटकता हुआ पाया गया शव-
चंद्रशेखर का शव मायलापोर स्थित उनके घर के पहले फ्लोर में बेडरूम के अंदर पंखे से लटकता हुआ पाया गया। मामले की जांच करने वाले निरीक्षण अधिकारी सेंथिल मुरुगन ने बताया कि 57 साल के चंद्रशेखर ने अपने पीछे कोई सुसाइड नोट नहीं छोड़ा है। इंस्पेक्टर मुरुगन ने बताया, 'चंद्रशेखर की पत्नी ने पुलिस को बताया कि उन्होंने चंद्रशेखर के कमरे का दरवाजा खटखटाया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। बाद में उन्होंने खिड़की से झांककर देखा तो चंद्रशेखर को छत से लटकता हुआ पाया।'

पत्नी ने बताया डिप्रेशन में चल रहे थे चंद्रशेखर
पुलिस ने अनुसार चंद्रशेखर की पत्नी सौम्या ने यह भी बताया कि चंद्रशेखर ने परिवार के साथ चाय पी थी और उसके बाद वे अपने कमरे में शाम 5 बजकर 45 मिनट पर चले गए थे। मुरुगन के अनुसार, 'चंद्रशेखर की पत्नी ने यह भी बताया है कि वह अपने क्रिकेट बिजनेस में हुए नुकसान के चलते डिप्रेशन में चल रहे थे।' चंद्रशेखर ने तमिलनाडु प्रीमियर लीग में एक टीम खरीदी हुई थी जिसका नाम वीबी कांची वीरन है। इसके अलावा वेलाचरी में एक क्रिकेट अकादमी वीबी नेस्ट भी चलाते थे। चंद्रशेखर की बॉडी को ऑटोप्सी के लिए रोयापेट्टा सरकारी हॉस्पिटल भेज दिया है।
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क्रिकेट जगत हुआ हैरान
बता दें कि चंद्रशेखर ने भारत की ओर से 7 ODI मैच खेले थे और वह अपनी आक्रामक बल्लेबाजी के कारण जाने जाते थे। इसके अलावा वह 1987 में तमिलनाडु रणजी ट्रॉफी जीतने वाली टीम का भी हिस्सा थे। उन्होंने नेशनल सेलेक्टर, स्टेट कोच और क्रिकेट कॉमेंटेटर बनने से पहले गोवा की ओर से भी क्रिकेट खेला है। उनकी मौत से तमिलनाडु क्रिकेट जगत में हलचल मच गई है और देर शाम तक उनकी मौत की सही वजह भी नहीं पता लग पाई थी। उनकी मौत पर सुरेश रैना और अनिल कुंबले जैसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेटरों ने शोक व्यक्त किया है। रैना ने इस खबर को बेहद दुख और हैरानी भरी बताया है। रैना ने यह भी बताया कि चंद्रशेखर ने किस तरह से सीएसके की टीम में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया था।


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