तेंदुलकर के खु्लासे से तिलमिलाये चैपल को लगी मिर्ची, ठहराया सरासर झूठा
नई दिल्ली। राजनीति के बाद क्रिकेट का मैदान ही एक ऐसा फील्ड है जहां लोगों पर आरोप-प्रत्यारोप होते रहते हैं। लेकिन बात उस समय वजनदार हो जाती है जब आरोप वो शक्स लगाये जिसे दुनिया क्रिकेट का भगवान कहती है। गॉड ऑफ इंडियन क्रिकेट सचिन तेंदुलकर पर झूठा होने का आरोप लगा है और यह आरोप लगाया है भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कोच ग्रेग चैपल ने।
जो कि इस समय सचिन की ओर से लगाये गये उस आरोप पर गुस्से से उबल रहे हैं जिसमें सचिन ने कहा है कि चैपल, साल 2007 में राहुल द्रविड़ को कप्तानी से हटाना चाहते थे और वो सचिन को कप्तानी के लिए उकसा रहे थे। सचिन ने यह खुलासा अपनी आत्मकथा 'प्लेइंग इट माई वे' में किया है, जो कि 6 नवंबर को रिलीज होने जा रही है।
तेंदुलकर के खु्लासे से तिलमिलाये चैपल को लगी मिर्ची, ठहराया सरासर झूठा
सचिन तेंदुलकर ने आत्मकथा में कई सनसनीखेज़ खुलासे भी किए हैं, जिनमें से एक है कि ग्रेग चैपल का बर्ताव सीनयर खिलाड़ियों से काफी खराब था। सचिन ने उनके लिए रिंग मास्टर शब्द का प्रयोग किया है।
सचिन ने अपनी जीवनी-प्लेइंग इट माई वे में लिखा है कि किस तरह सीनियर खिलाड़ी चैपल के जाने से खुश थे क्योंकि उन्होंने कप्तान गांगुली और उनके साथ अच्छा बर्ताव नहीं किया था। टीम के किसी भी सदस्य को चैपल के बर्खास्तगी को लेकर निराशा नहीं थी।
'जीवनी-प्लेइंग इट माई वे' में कई बड़े खुलासे
सचिन ने लिखा है, "चैपल ने कई बार कहा है कि उन्हें गांगुली के कारण ही भारतीय टीम का कोच पद मिला था लेकिन सिर्फ इसीलिए वह ताउम्र गांगुली का समर्थन नहीं कर सकते। मैं तो इतना कहना चाहता हूं कि गांगुली देश के सबसे अच्छे क्रिकेट खिलाड़ियों में एक हैं और उन्हें भारतीय टीम में बने रहने के लिए चैपल के समर्थन या सहयोग की जरूरत नहीं थी।"
गौरतलब है कि आस्ट्रेलिया के पूर्व कप्तान चैपल 2007 से 2009 तक भारतीय टीम के कोच रहे थे।
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