1- पाकिस्तान के खिलाफ पहला तिहरा शतक और बन गए मुल्तान के सुल्तान
वीरेंद्र सहवाग को मुल्तान का सुल्तान कहा जाता है। 29 मार्च 2004 का ये वो दिन था जब पाकिस्तान के गेंदबाजों को मैच के बाद नींद नहीं आई होगी। पाकिस्तान के शहर मुल्तान में भारत की चिर प्रतिद्वंदी टीम कही जाने वाली पाकिस्तान के खिलाफ वीरेंद्र सहवाग ने सचिन के साथ मिलकर मोर्चा संभाला था। सहवाग ने पाकिस्तान के खिलाफ 309 रन की पारी खेल इतिहास रचा था। भारत की तरफ से तिहरा शतक लगाने वाले इकलौते बल्लेबाज बने थे सहवाग। सहवाग ने 375 गेंदों में 39 चौके 6 छक्कों की मदद से 309 रन बनाए थे। इस मैच में सचिन तेंदुलकर भी 194 रन बनाकर नाबाद रहे थे। भारत ने ये मैच पारी व 52 रनों से जीता था। दुनिया की सबसे घातक गेंदबाजी कही जाने वाली पाक गेंदबाजी को सहवाग ने तहस-नहस कर दिया था। इसी मैच के बाद उन्हें निकनेम मिला था- मुल्तान का सुल्तान
2- सहवाग का दूसरा तिहरा शतक, 319 बनाम दक्षिण अफ्रीका
319 रन वीरिंद्र सहवााग का टेस्ट क्रिकेट में सर्वोच्च स्कोर है। कोई भारतीय अभी तक इस रिकॉर्ड की बराबरी नहीं कर पाया है। 28 मार्च 2008 को एक बार फिर से सहवाग की आंधी चली और उन्होंने वो किया जो आज तक कोई नहीं कर सका। सहवाग ने टेस्ट इतिहास की सबसे तेज ट्रिपल सेंचुली लगाकर भारत को हारा हुआ मैच ड्रॉ करवाने में सफलता दिलाई थी। पहले बल्लेबाजी करते हुए दक्षिण अफ्रीका ने हाशिम अमला के शतक (159) नील मैकेंन्जी के अर्धशतक (94) और ग्रीम स्मिथ (73) व मार्क बाउचर के 70 रनों की बदौलत पहली पारी में 540 रन बनाए थे। जवाब में भारतीय टीम की शुरुआत धमाकेदार रही। सहवाग ने 278 गेंदों में टेस्ट क्रिकेट का सबसे तेज तिहरा शतक ठोंक दिया था। सहवाग ने अपनी पारी के दौरान 304 गेंदों में 42 चौके व 5 छक्के लगाकर 319 रन बनाए थे। सहवाग के अलावा इस मैच में राहुल द्रविड़ ने 111 व वसीम जाफर ने 73 रन बनाए थे। तब दक्षिण अफ्रीका के कोच मिकी ऑर्थर ने कहा था कि उन्होंने अपने करियर में इससे बेहतर टेस्ट पारी नहीं देखी।
3- तीसरी बार बार तिहरा शतक लगाने से चूके, लेकिन बना दिए थे 293
सहवाग एक बार फिर से तिहरा शतक लगाकर ट्रिपल सेंचुरी की हैट्रिक लगाने वाले थे। लेकिन मुथैया मुरलीधरन की फिरकी में फंसकर उन्होंने अपना विकेट गंवा दिया था। कहा जाता है कि सहवाग ने दुनिया के हर गेंदबाज की धुनाई की है। सहवाग ने अपना विकेट गंवाने से पहले टेस्ट क्रिकेट में दुनिया के सबसे सफल गेंदबाज और सबसे ज्यादा विकेट लेने वाले गेंदबाज मुथैया मुरलीधरन की जमकर धुनाई की थी। सहवाग ने अपनी 293 रनों की पारी में 254 गेंदों का सामना किया था। जिसमें 40 चौके व 7 छक्के शामिल थे। मुंबई में खेले गए इस मैच में सहवााग ने रिकॉर्ड का अंबार लगा दिया था। 200 रन पूरे करते ही सहवाग भारत की तरफ से सबसे ज्यादा डबल सेंचुरी लगाने वाले बल्लेबाज बने थे। सबसे अधिक बार 250 का स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज ने थे। इसके अलावा भारत की तरफ से एक दिन में सबसे ज्यादा रन बनाने वाले बल्लेबाज बने थे। भारत ने मैच पारी व 24 रनों से जीता था। इस मैच को जीतते ही टीम इंडिया टेस्ट में नंबर वन बनी थी।
4- वनडे क्रिकेट में लगाया दोहरा शतक (219)
वनडे क्रिकेट में सबसे पहला दोहरा शतक भारत की तरफ से क्रिकेट के भगवान कहे जाने वाले सचिन तेंदुलकर ने लगाया था। लेकिन उसके बाद सचिन के इस रिकॉर्ड को सहवाग ने तोड़ा। सहवाग ने वेस्टइंडीज के खिलाफ 149 गेंदों में 219 रनों की पारी खेली थी। सहवाग ने इस दौरान 25 चौके व 7 छक्के लगाए थे। इंदौर के होल्कर स्टेडियम में खेला गया ये मैच भारत ने आसानी से जीत लिया था।
5- ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ मेलबोर्न में 195 रनों की ऐतिहासिक पारी
2003 में भारत के पास पहली बार ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट सीरीज जीतने का एक बहुत अच्छा मौका था। एडिलेड में दूसरा टेस्ट जीतने के बाद भारत मेलबर्न क्रिकेट ग्राउंड पर सीरीज जीतने के इरादे से उतरा था। सहवाग ने भारत को एकदम सही शुरुआत दी। 195 के स्कोर पर बल्लेबाजी करते हुए सहवाग ने छक्का लगाकर दोहरा शतक पूरा करना चाहा लेकिन आउट हो गए। जिसके बाद भारत पहली पारी में सिर्फ 366 रन ही बना सका और ऑस्ट्रेलिया ने ये मैच बाद में जीतकर सीरीज बराबर कर ली थी। लेकिन सहवाग की वो पारी एतिहासिक होते-होते रह गई।


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