
बड़े मैच की टीम मुंबई
गुरुवार को आईपीएल के प्लेऑफ में खेला गया मुकाबला एक टीम के लिए सेमाफाइनल और दूसरी टीम के लिए फाइनल का मुकाबला था ,लेकिन जिस तरह से मुंबई की टीम ने खेल के हर हिस्से में अपना वर्चस्व दिखाया, उसने साफ कर दिया है कि आखिर क्यों मुंबई इंडियंस की टीम अंक तालिका में पहले पायदान पर है। टॉस जीतकर जब दिल्ली की टीम ने गेंदबाजी का फैसला किया तो मुंबई की टीम ने इसे भी अवसर के तौर पर लिया। हालांकि रोहित शर्मा पहली ही गेंद पर आउट हो गए, लेकिन दूसरे छोर पर क्विंटन डी कॉक ने आतिशी बल्लेबाजी जारी रखी।

मुंबई के बल्लेबाजों ने दिखाया दबदबा
क्विंटन डी कॉक ने 25 गेंदों पर 40 रनों की पारी खेलकर मुंबई इंडियंस की मजबूत नींव रखी जबकि लगातार अच्छी बल्लेबाजी कर रहे सूर्य कुमार यादव के अर्धशतक ने दिल्ली के गेंदबाजों को पस्त कर दिया। डीकॉक और सूर्यकुमार के बाद मध्य क्रम में इशान किशन और हार्दिक पांड्या की आतिशी पारी ने दिल्ली कैपिटल्स के गेंदबाजों की रही सही उम्मीदों को भी चकनाचूर करते हुए गेंद तकरीबन हर मौके पर मैदान के बाहर का रास्ता दिखाय़ा। इशान ने 30 गेंदों पर 55 रन की पारी खेली जबकि हार्दिक 14 गेंदों पर 37 रनों की आतिशबाजी की।

प्लेऑफ के दबाव में ढेर दिल्ली
प्लेऑफ जैसे अहम मुकाबले में खेलने का यह दिल्ली का पहला अनुभव था और इसका दबाव टीम के भीतर साफ दिख रहा था। 200 रन के टार्गेट का पीछा करने उतरी दिल्ली की टीम के बल्लेबाज जिस तरह से एक एक करके ताश के पत्तों की तरह बिखर गए उससे टीम की दबाव में बिखरने की प्रवृत्ति साफ जाहिर हो गई। दिल्ली के किसी भी मुख्य बल्लेबाज ने 200 रन के लक्ष्य के सामने मैदान पर डटकर मुंबई को चुनौती नहीं दी। हालांकि निचले क्रम पर जरूर मार्कस स्टॉयनिस ने 65 रनों की पारी खेली, लेकिन 200 रन के लक्ष्य का पीछा करने के लिए टीम के एकजुट प्रयास की जरूरत होती है जोकि पूरी तरह से कल के मैच में नहीं दिखी।

आसान नहीं होगा दिल्ली का सफर
हालांकि दिल्ली कैपिटल्स के लिए अभी भी एक मौका है कि वह आईपीएल के फाइनल में अपनी जगह बना सके। आज सनराइजर्स हैदराबाद और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरू के बीच प्लेऑफ का दूसरा मैच है। ऐसे में जो भी टीम आज का मैच हारेगी का उसका मुकाबला दिल्ली से होगा। लेकिन आज के मैच में दिल्ली की टीम की कमियां खुलकर सामने आ गई हैं, ऐसे में हैदराबाद हो या बेंगलुरू दोनों ही टीमें दिल्ली के मनोबल को तोड़ने की कोई कसर नहीं छोड़ेंगी।

कमजोरियों पर दिल्ली ने नहीं किया काम
दिल्ली की बल्लेबाजी की बात करें तो पिछले 7 मैचों में टीम के सलामी बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने महज 49 रन बनाए बाजवूद इसके टीम ने उन्हें आज के अहम मुकाबले में प्लेइंग इलेवन में शामिल किया और वो हर बार की तरह फिर से बिना खाता खोले पवेलियन में आराम फरमाने चले गए। हालांकि शिखर धवन बड़े मैचों के खिलाड़ी हैं लेकिन जब टीम की बल्लेबाजी का जिम्मा किसी एक ही कंधे पर टिक जाए तो इस दबाव को झेल पाना आसान नहीं होता है और कल के मैच में धवन पर वह दबाव देखने को मिला। पृथ्वी शॉ के अलावा रिषभ पंत को भी टीम लगातार मौके देती चली आ रही है लेकिन वह सीजन में बुरी तरह से फ्लॉप चल रहे हैं, बावजूद इसके उन्हें आज के अहम मुकाबले में जगह देना टीम को भारी पड़ा।

बिना रणनीति के उतरी दिल्ली की टीम
दिल्ली की गेंदबाजी की बात करें तो टीम की गेंदबाजी मुख्य रूप से नॉर्खिया और रबाडा पर निर्भर है। दोनों ही गेंदबाजों की कल के मैच में जमकर धुलाई हुई। नॉर्खिया ने जहां 4 ओवर में 50 रन खर्च किए तो वहीं रबाडा ने 4 ओवर में 42 रन लुटाए। दिल्ली की ओर से एकमात्र गेंदबाज आर अश्विन असरदार नजर आए और उन्होंने 4 ओवर में 29 रन देकर 3 विकेट झटके। मुंबई के इनफॉर्म बल्लेबाजों के सामने दिल्ली के गेंदबाज बिना किसी रणनीति के मैदान पर उतरे जिसका खामियाजा टीम को शर्मनाक हार के तौर पर भुगतना पड़ा।


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