लाहौर। भारत के साथ सीरीज खेलने को लेकर उतावले पाकिस्तान को आईसीसी में मुंह की खानी पड़ी है। आईसीसी के सीईओ डेव रिचर्डसन ने साफ किया कि किसी भी सूरत में भारत को पाकिस्तान के खिलाफ द्विपक्षीय सीरीज खेलने के लिये मजबूर नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि पाकिस्तान हमेशा से ही भारत पर ये आरोप लगाता रहा है कि भारत उस समझौते का पालन नहीं कर रहा है जिसके तहत दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय क्रिकेट सीरीज खेलने की बात हुई थी।
रिचर्डसन ने कहा, "भारत अगर पाकिस्तान के साथ खेलने के लिये तैयार नहीं है तो हम उन्हें मजबूर नहीं कर सकते। द्विपक्षीय सीरीज दो क्रिकेट बोर्ड के बीच आपसी समझौते से खेली जाती हैं। हम भी चाहते हैं कि भारत और पाकिस्तान द्विपक्षीय सीरीज खेलें लेकिन उनके बीच राजनीतिक तनाव है और क्रिकेट मौजूदा संबंधों पर निर्भर करता है।" दोनों टीमें आईसीसी के टूर्नामेंट में एक दूसरे के खिलाफ खेलती रही हैं लेकिन सालों से भारत-पाकिस्तान के बीच द्विपक्षीय सीरीज नहीं हुई है।
पाकिस्तान बनाम वर्ल्ड इलेवन टी20 मैच के दौरान लाहौर में मीडिया से बात करते हुए रिचर्डसन ने इस बात से भी नकार दिया कि आईसीसी का पाकिस्तान क्रिकेट की तुलना में भारत की तरफ अधिक झुकाव है।
बता दें, साल 2014 में दोनों देशों के बीच एक समझौता हुआ था, जिसके अनुसार भारत और पाकिस्तान को 2015 से 2023 तक छह द्वीपक्षीय सीरीज खेलनी थी। लेकिन राजनीतिक हालात के चलते भारत ने पकिस्तान के साथ खेलने से मना कर दिया था। जिसके बाद पाकिस्तान तमाम अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत को घेरने की कोशिश करता रहता है।
लगभग आठ साल के लंबे अंतराल के बाद पकिस्तान में फिर से क्रिकेट की वापसी हुई है। 13 सितंबर से पाकिस्तान और विश्व एकादश के बीच तीन टी20 मैचों का इंडिपेंडेंस कप खेला जा रहा है। इसके बाद उम्मीद लगाई जा रही है कि पाकिस्तान में फिर से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट की वापसी होगी।