U19 CWC: खेतों में मजदूरी से लेकर मैदान पर विकेट चटकाने तक की कहानी, जानें कौन हैं कार्तिक त्यागी

Kartik Tyagi

नई दिल्ली। दक्षिण अफ्रीका में खेली जा रही आईसीसी अंडर-19 विश्व कप प्रतियोगिता में भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया को हराकर सेमीफाइनल में जगह बना ली है। मंगलवार को खेले गये इस मैच में भारतीय टीम पहली ऐसी टीम बनी जिसने सेमीफाइनल की सीट पक्की की है। भारत के लिये जीत में अहम भूमिका निभाने वाले कार्तिक त्यागी ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ ऐसा प्रदर्शन किया कि दुनिया भर के क्रिकेट फैन्स की जुबां पर सिर्फ उन्हीं का नाम है।

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पर कार्तिक का यह प्रदर्शन रातों रात नहीं आया, इसके पीछे बड़ी इमोशनल कहानी है। कार्तिक के लिये मैदान तक पहुंचने का सफर आसान नहीं रहा है। उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से रहने वाले कार्तिक कभी खेतों में पसीना बहाया करते थे और आज भारत के लिये विकेट चटकाकर देश का नाम रोशन कर रहे हैं।

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भारत को सेमीफाइनल का टिकट दिलाने में निभाई अहम भूमिका

ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ क्वार्टरफाइनल मैच में कार्तिक त्यागी ने 8 ओवर गेंदबाजी की और महज 24 रन देकर 4 विकेट हासिल किये। उनके इस प्रदर्शन के चलते उन्हें मैन ऑफ द मैच भी चुना गया।

क्वार्टर फाइनल में जब भारतीय टीम 233 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी तो यह कार्तिक त्यागी का ही पहला ओवर था जिसमें कंगारु टीम ने अपना टॉप ऑर्डर खो दिया था। कार्तिक के पहले ही ओवर में 3 विकेट गिरे।

पहली ही गेंद पर सलामी बल्लेबाज जेक फ्रेजर मैकगर्क के रनआउट होने के बाद कैप्टन मैकेंजरी हार्वे 4 रनों के साथ कार्तिक त्यागी की गेंदबाजी का शिकार हो गए। इसी ओवर में लचलम हीर्वे को भी त्यागी ने पवेलियन का रास्ता दिखा दिया। यह उनकी गेंदबाजी का ही दबाव था कि ऑस्ट्रेलिया ने 17 रन के स्कोर पर 4 विकेट खो दिये थे।

खेतों पर बोरे उठाया करते थे कार्तिक त्यागी

खेतों पर बोरे उठाया करते थे कार्तिक त्यागी

हापुड़ के घनौरा के रहने वाले कार्तिक एक गरीब किसान परिवार से ताल्लुक रखते हैं। वह उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले के रहने वाले हैं। वह 13 वर्ष की उम्र से क्रिकेट के साथ जुड़े। चूंकि कार्तिक एक किसान परिवार से आते थे इसलिये क्रिकेट की ट्रेनिंग दिलाने के लिये उनके पिता योगेंद्र को ढेरों दिक्कत का सामना करना पड़ा। इस दौरान कार्तिक अपने पिता के साथ खेतों पर मदद करने भी जाया करते थे। कार्तिक ने खेतों में उगने वाले अनाज की बोरियों को पीठ पर लादकर ले जाने में मदद की है। अन सबके अलावा भी राष्ट्रीय टीम में जगह बना पाने का सफर काफी रोमांचक रहा।

टीम में इस तरह से हुआ कार्तिक का चयन

राष्ट्रीय स्तर पर कार्तिक त्यागी को पहली बार पहचान तब मिली जब वह 17 साल की उम्र में कूचबिहार ट्रॉफी में शानदार प्रदर्शन करते नजर आये और उत्तर प्रदेश की रणजी टीम में जगह बना ली। इतना ही नहीं रणजी में यूपी को जीत दिलाने के लिये कार्तिक ने पूर्व चैंपियन रहे विदर्भ के खिलाफ बेहतरीन गेंदबाजी की। इसके साथ ही कार्तिक की जिंदगी बदल गई।

कार्तिक ने अंडर-19 टीम में चयन के बाद कहा था, 'मुझे बीसीसीआई मैनेजर अमित सिद्धेश्वर सर का फोन आया था और उन्होंने मुझे बताया कि मेरा सिलेक्शन अंडर-19 टीम में हो गया है। मैंने और मेरे पिता ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए ढेरों समस्याओं का सामना किया है। बचपन से मुझे क्रिकेट पसंद था, यह सबकुछ मेरे पिता ने देखा और मेरा साथ दिया।'

आकाश सिंह ने भी जीत में दिया भरपूर साथ

आकाश सिंह ने भी जीत में दिया भरपूर साथ

टॉस हारकर पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने ऑस्ट्रेलिया के सामने 233 रन बनाये और जीत के लिये 234 रनों का लक्ष्य रखा। जवाब में भारतीय टीम के लिये कार्तिक त्यागी और आकाश सिंह ने दमदार गेंदबाजी की। कार्तिक त्यागी ने 4 विकेट झटके तो आकाश सिंह ने 3 विकेट हासिल किये, वहीं रवि बिश्नोई ने भी 1 विकेट हासिल किया। ऑस्ट्रेलिया ने 2 विकेट रन आउट के रूप में खोये।

नतीजन पूरी कंगारू टीम महज 43.3 ओवरों में 159 रनों पर ऑल आउट हो गई और भारत ने अंडर-19 विश्व कप में लगातार 10वीं जीत हासिल कर वर्ल्ड रिकॉर्ड बना दिया।

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Story first published: Wednesday, January 29, 2020, 10:21 [IST]
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