
दिग्गज टीमों के बीच है मुकाबला
ICC की मौजूदा रैंकिंग में नंबर-2 पर काबिज टीम इंडिया, नंबर-3 पर मौजूद दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ 5 जून को विश्व कप में रोज बॉल सॉउथैंप्टन में अपना पहला मुकाबला खेलेगी। टीम इंडिया भले ही रैंकिंग में दक्षिण अफ्रीका से बेहतर हैं लेकिन विश्व कप जैसे बड़े इवेंट में भारतीय टीम का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ प्रदर्शन औसत से भी नीचा है। इन दोनों टीमों के अगर पिछले आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो विराट कोहली को उनके कहे मुताबिक पहले मैच से 'मैच रेडी' रहना होगा वरना प्रोटियाज बड़े मैच में उलटफेर करने से शायद ही चूकें।
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अफ्रीका के खिलाफ कमजोर हैं आंकड़े
वर्ल्ड कप में जितनी टीमें खेल रही हैं उन सभी टीमों में से टीम इंडिया का दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ रिकॉर्ड काफी खराब है। अगर पिछले सभी विश्व कप मुकाबले पर नजर डाला जाए तो टीम इंडिया और दक्षिण अफ्रीका 4 बार एक दूसरे से भिड़े हैं लेकिन भारतीय टीम को 3 बार हार मिली है वहीं एक बार जीत का स्वाद चखने को मिला है। वर्ल्ड कप में अगर टीम इंडिया के विन/लॉस प्रतिशत की बात की जाए तो यह महज 25 फीसदी है जिसे विश्व कप जैसे बड़े इवेंट में किसी भी लिहाज से बेहतर नहीं कहा जा सकता है। अगर ओवर ऑल ODI के आंकड़ों की भी बात की जाए तो गणित कुछ ऐसा ही है। टीम इंडिया-दक्षिण अफ्रीका ने अब तक कुल 77 ODI मुकाबले खेले हैं। प्रोटियाज की टीम ने इनमें से 45 मुकाबले जीते हैं तो भारतीय टीम को महज 29 मुकाबलों में जीत मिली है। इन आंकड़ों को भी देखा जाए तो फैफ डूप्लेसिस के नेतृत्व में दक्षिण अफ्रीकी टीम टीम इंडिया के पहले मैच में बड़े उलटफेर की तैयारी में है। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि विराट इन आंकड़ों का काट कैसे निकालते हैं। भारतीय टीम ने विश्व कप में पाकिस्तान के खिलाफ 6 में 6 मुकाबले जीते हैं और पाकिस्तान के खिलाफ विनिंग प्रतिशत का आँकड़ा 100% है। ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ भारत ने 11 मुकाबले खेले हैं और महज 3 मुकाबलों में ही जीत मिली है और 8 में हार का सामना करना पड़ा है। क्या विराट की टीम इन आंकड़ों को बदल पाएगी ?

बल्लेबाजी में टीम इंडिया ने 'दिखाया दम'
टीम इंडिया की बल्लेबाजी हमेशा से मजबूत रही है और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ भी हुए सभी वर्ल्ड कप मुकाबलों में भारतीय टीम ने अपना दम दिखाया है। भारतीय टीम के बल्लेबाजों ने वर्ल्ड कप के 4 मुकाबलों में 1083 गेंदों का सामना कर कुल 971 रन बनाए हैं और इस दौरान भारतीय बल्लेबाजों का औसत स्ट्राइक रेट 89.65 और औसत 34.67 का रहा है। इन चार मुकाबलों में भारतीय बल्लेबाजों ने 2 शतक और 6 अर्धशतक लगाए हैं। शिखर धवन ने 2015 वर्ल्ड कप में दक्षिणी अफ्रीकी गेंदबाजों की जमकर धुनाई की थी और 137 रनों की सर्वाधिक पारी खेली थी। धवन जिस तरह के शानदार फॉर्म में हैं एक बार फिर उनसे धामकेदार पारी की उम्मीद की जा रही है।

गेंदबाजों से विराट को होगी उम्मीद
दक्षिण अफ्रीका के दौरे पर पिछले साल जसप्रीत बुमराह ने टेस्ट में कहर बरपाया था और सभी दक्षिण अफ्रीकी बल्लेबाज टेस्ट में उनकी रफ्तार के आगे बेबस दिखे थे लेकिन विश्व कप में ये आंकड़े बड़े ही उलट हैं। भारतीय गेंदबाजों की अफ्रीकी बल्लेबाजों ने जमकर धुनाई की है। अगर सिर्फ विश्व की बात की जाए तो भारतीय गेंदबाजों ने वर्ल्ड कप के चार मुकाबलों में 166.3 ओवर की गेंदबाजी की है और 890 रन खर्च किए हैं। इस दौरान भारतीय गेंदबाजों ने महज 22 विकेट चटकाए हैं और हर विकेट के लिए भारतीय गेंदबाजों को औसतन 40 रन खर्च करने पड़े हैं। विश्व कप जैसे इवेंट में अब बुमराह, शमी और भुवनेश्वर से यह उम्मीद की जा रही है कि वह इन आंकड़ों को बदल पाएंगे और भारत को पहले मैच में ही जीत दिलवाने में कामयाब हो पाएंगे।
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