नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही 5 मैचों की टेस्ट सीरीज का तीसरा मैच हेडिंग्ले के मैदान पर खेला गया, जिसमें इंग्लैंड की टीम ने भारतीय टीम को चारों खाने चित्त कर दिया और 76 रन और पारी से हराकर सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। इस जीत के साथ ही कप्तान जो रूट टेस्ट क्रिकेट में इंग्लैंड की टीम के लिये सबसे सफल कप्तान बन गये हैं। जो रूट ने इस मामले में पूर्व कप्तान माइकल वॉन को पीछे छोड़ा है जिन्होंने अपने करियर के दौरान बतौर कप्तान 26 मैचों में जीत हासिल की थी, हालांकि अब जो रूट के नाम 27 टेस्ट जीत हो गई है और वो इस फेहरिस्त में सबसे ऊपर पहुंच गये हैं।
इंग्लैंड के लिये सबसे ज्यादा टेस्ट मैच में जीत हासिल करने वाले कप्तान की बात करें तो इसमें माइकल वॉन के अलावा एंड्रयू स्ट्रॉस (24) और एलिस्टर कुक (24) का नाम भी शामिल है।
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इंग्लैंड के लिये टेस्ट क्रिकेट में सबसे सफल कप्तान बनने के बाद जो रूट ने कहा,'जैसा कि मैंने मैच से पहले कहा था कि इंग्लैंड की टीम की कप्तानी करते हुए मैं उस सपने को जी रहा हूं जो मैंने बचपन में देखा था। यह वो सपना था जो मैंने बहुत छोटी उम्र में देखा था। मैं इस बात में और ज्यादा गर्व महसूस नहीं कर सकता कि मैंने माइकल वॉन को पीछे छोड़ दिया है लेकिन एक कप्तान के तौर पर यह आप अकेले नहीं करते हैं, इसका श्रेय टीम में शामिल खिलाड़ियों और कोचिंग स्टाफ को भी जाता है।'
जो रूट ने भारत के खिलाफ हेडिंग्ले में टीम के शानदार प्रदर्शन की भी तारीफ की जिसके चलते इंग्लैंड की टीम ने 5 मैचों की सीरीज में 1-1 की बराबरी कर ली है। उन्होंने इस पर बात करते हुए कहा कि मुझे अपनी टीम के खिलाड़ियों पर गर्व है जिन्होंने इस हफ्ते शानदार खेल दिखाया। उनके प्रदर्शन के दम पर आज हम सीरीज में 1-1 की बढ़त पर पहुंच सके हैं और उन्ही की वजह से हम हंसते मुस्कुराते ड्रेसिंग रूम के साथ आने वाले 2 मैच में जा सकते हैं।
इंग्लैंड के कप्तान ने इस दौरान अपने सलामी बल्लेबाज हासिब हामिद और रॉरी बर्न्स की भी तैयारी की जिन्होंने हेडिंग्ले में 135 रनों की साझेदारी कर टीम को मजबूत शुरुआत दी। उन्होंने कहा कि मुझे लगता है कि वो हमारे लिये मैच का सबसे बड़ा टर्निंग प्वाइंट रहा और टीम के लिये ऐसी मजबूत साझेदारी होना जरूरी था।
उन्होंने कहा,'सिर्फ उन दो खिलाड़ियों की वजह से हम वापसी कर पाने में कामयाब रहे और इस तरह से वापसी कर पाना और प्रदर्शन करना सबसे शानदार रहा, इसके चलते मैच बन सका और हम मैच में वापसी करने में कामयाब रहे।'
जो रूट ने इस दौरान अक्सर आलोचना की जाने वाली इंग्लैंड की रोटेशन पॉलिसी नीति के बारे में भी बात की और कहा कि मेरी कप्तानी का दौर काफी चुनौती भरा रहा है और इस दौरान काफी कुछ झेलना पड़ा, खेल के आस-पास काफी कुछ देखने को मिला और यह जरूरी नहीं कि हमारा सारा ध्यान मैदान पर हो सके। हालांकि यह कप्तानी के साथ आने वाली जिम्मेदारी का हिस्सा ही है, मैंने इसको लेकर कोई समय सीमा निर्धारित नहीं की है। जब तक कि मैं इसका आनंद ले रहा हूं, तब तक हम सही दिशा में बढ़ सकते हैं और मैं अपने दिमाग में जब तक सही महसूस कर रहा हूं तब तक मैं इस काम के लिये सही हूं। मैं ऐसा करते रहने में जरूरत से ज्यादा खुश हूं।