
कब तक जारी रहेगा ये फ्लॉप शो-
कोहली एंड शास्त्री का टीम मैनेजमेंट out-of-the-box थिंकिंग से अक्सर परहेज ही करता आया है जिसके चलते हम इतना तो मान ही सकते हैं कि लगातार फ्लॉप होने के बावजूद आप पुजारा और रहाणे को इंग्लैंड के खिलाफ इस पूरी सीरीज में देखते रहेंगे।
वैसे इन दोनों खिलाड़ियों को मौका देना इतना बुरा भी नहीं है क्योंकि दोनों ही काफी अनुभवी हैं अपने आप को कुछ मौकों पर साबित भी करके टीम की नैया भी पार लगा चुके हैं। देखते हैं इन दोनों में से कौन पहले रंग में आता है या फिर फ्लॉप शो जारी रहता है।
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सलमान बट्ट ने दिया नायाब विचार-
फिर भी कई लोग ऐसे हैं जो पुजारा के खेल से खुश नहीं है और उनको लगता है कि भारत के पास इस तरह के और भी बल्लेबाज हैं जो पुजारा के स्थान पर खेलने की योग्यता रख सकते हैं। कुछ ऐसा ही मानना पाकिस्तान के पूर्व कप्तान सलमान बट्ट का है और उनको बहुत ही नायाब किस्म का विचार आया है। सलमान भट्ट का कहना है कि क्यों ना सूर्यकुमार यादव जैसे खिलाड़ी को चेतेश्वर पुजारा के ऊपर वरीयता देकर देखा जाए।
सूर्यकुमार यादव के बारे में सभी जानते हैं कि उनकी बल्लेबाजी टीम इंडिया के अन्य खिलाड़ियों से बिल्कुल अलग है। वह एबी डिविलियर्स जैसे हैं लेकिन दिक्कत यह है कि भारत ने इस बल्लेबाज को रेड बॉल क्रिकेट में नहीं आजमाया है। अगर बात सफेद गेंद क्रिकेट की होती तो सूर्यकुमार यादव ऑटोमेटेकली प्लेइंग इलेवन में जगह बना चुके होते। लेकिन इस समय टेस्ट सीरीज चल रही है।

बाकी सब टीम मैनेजमेंट के ऊपर है- सलमान
हालांकि सलमान बट्ट की सोच उतनी भी खराब नहीं लगती 2018 से इस बेहद धीमे बल्लेबाज ने केवल 31 की औसत से बल्लेबाजी की है और टेस्ट करियर औसत भी अब गिरकर 45 के आसपास पहुंच चुका है। इस सीरीज में भी पुजारा 4, नाबाद 12 और 9 रन बना पाए हैं। असली चिंता की बात पुजारा की फॉर्म नहीं बल्कि उनके आउट होने का तरीका है और वे बार-बार एक ही अंदाज में पवेलियन लौट रहे हैं। जिसका मतलब यह है कि वह अपनी गलतियों से सीखना तक नहीं चाहते हैं।
धीमे खेल को दुनिया का सबसे बढ़िया स्टाइल मानने की फॉलासफी के मॉर्डन अगुआ पुजारा के बारे में बात करते हुए सलमान बट ने अपने यूट्यूब चैनल पर बताया, "पुजारा संघर्ष कर रहे हैं और परिस्थितियां भी मुश्किल है। यदि भारत चाहे तो सूर्यकुमार यादव को एक मौका दे सकता है। हालांकि यह इस बात पर निर्भर करता है कि विराट कोहली क्या सोचते हैं और कोच अपनी क्या राय रखते हैं।"
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खराब फॉर्म के बावजूद पुजारा ड्रॉप होते नहीं दिख रहे हैं-
दरअसल सूर्यकुमार यादव और पृथ्वी शा श्रीलंका में मौजूद थे जहां टीम इंडिया अपने दूसरे खिलाड़ियों के साथ सफेद गेंद सीरीज खेल रही थी लेकिन जब टीम को शुभ्मन गिल और वाशिंगटन सुंदर जैसे चोटिल खिलाड़ियों के स्थान पर रिप्लेसमेंट की जरूरत पड़ी तो इन दोनों को इंग्लैंड बुला लिया गया।
वैसे तो सलमान बट खुद भी एक अच्छे क्रिकेटर रहे हैं और उनको इस खेल की बारीक समझ भी है इसलिए उनको यह भी लगता है कि पुजारा को शायद अभी मौके मिलते रहेंगे। अगर पुजारा को तुरंत ड्रॉप कर दिया गया तो यह भारतीय टीम के लिए भी ज्यादा अच्छा नहीं होगा। वे कहते हैं, "अभी तीन पारियां हो चुकी है और मुझे लगता है ऐसी परिस्थितियों में किसी युवा को अंदर लेकर आना थोड़ी जल्दबाजी होगी। यह उस युवा खिलाड़ी के लिए इंग्लिश परिस्थितियों में मुश्किल चुनौती होगी। जबकि पुजारा फिर भी विश्वसनीय है और उन्होंने ऐसी परिस्थितियों में पहले भी प्रदर्शन करके दिखाया है। वे अभी तक असफल रहे हैं लेकिन उनको एक टेस्ट मैच में मौका और मिलना चाहिए।"

नए बल्लेबाज के लिए मुसीबत होंगे जेम्स एंडरसन-
सलमान भट्ट का कहना यह है कि जेम्स एंडरसन और बाकी तेज गेंदबाजों का सामना करना ऐसी परिस्थितियों में किसी युवा बल्लेबाज के लिए बहुत मुश्किल साबित होने जा रहा है। वे कहते हैं पुजारा और रहाणे भारत के टॉप क्लास खिलाड़ी हैं। दुख की बात यह है कि वह फॉर्म में नहीं है लेकिन अगर आप किसी नए बल्लेबाज को लेकर आते हैं तो उसके लिए भी इंग्लिश परिस्थितियों में परफॉर्म करना चुनौतीपूर्ण होगा। ऐसे में मुझे भी यह लगता है कि इन दोनों बल्लेबाजों को ड्रॉप करना थोड़ी जल्दबाजी साबित होगा"


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