
ओपनिंग जोड़ी-
1. केएल राहुल-
केएल राहुल को इंग्लैंड सीरीज ने एक नई टेस्ट जिंदगी दी है और अब तो उनके ऊपर टेस्ट मैचों में उप कप्तानी का भी भार है क्योंकि रोहित शर्मा चोटिल है। राहुल इस सीरीज में भारत के टॉप ऑर्डर के सबसे महत्वपूर्ण बल्लेबाजों में से एक होंगे।
2. मयंक अग्रवाल-
रोहित शर्मा की चोट ने मयंक अग्रवाल को भी प्लेइंग इलेवन में जगह दे दी है और न्यूजीलैंड के खिलाफ अंतिम टेस्ट मुकाबले में उनका शतक उनको निश्चित तौर पर कुछ आत्मविश्वास देगा। केएल राहुल के साथ मिलकर मयंक अग्रवाल को एक मजबूत नींव रखनी होगी ताकि भारतीय मिडिल ऑर्डर बिना किसी दबाव के बैटिंग कर सके।
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पुजारा-कोहली की फॉर्म पर नजर
3. चेतेश्वर पुजारा-
चेतेश्वर पुजारा का फॉर्म बहुत लंबे समय से खराब चल रहा है और टीम की प्लेइंग इलेवन में उनकी जगह भी खतरे में दिखाई देती है लेकिन उनके पास मुश्किल परिस्थितियों में खेलने का अनुभव है और वे दक्षिण अफ्रीका में भारत के अहम खिलाड़ी भी हो सकते हैं।
4. विराट कोहली-
भारतीय कप्तान ने पिछले 2 साल से ज्यादा समय से टेस्ट मैचों में शतक नहीं लगाया है और उनका औसत भी इस दौरान टेस्ट क्रिकेट में 30 से नीचे का है। विराट कोहली का लगातार पतन भारतीय क्रिकेट के लिए खतरे की घंटी है क्योंकि फिलहाल रोहित शर्मा जैसा धुरंधर ओपनर भी टेस्ट मैचों में मौजूद नहीं है और विराट कोहली के ऊपर दक्षिण अफ्रीका में पहले से कहीं अधिक दारोमदार होगा।

मीडिल ऑर्डर-
5. श्रेयस अय्यर-
वैसे तो भारतीय टीम ने हनुमा विहारी को न्यूजीलैंड के खिलाफ घरेलू सीरीज में ना चुनकर सबको चौंकाया था और फिर उनको दक्षिण अफ्रीका में ए टीम टूर पर भेजा गया था जहां विहारी ने अच्छा काम करके दिखाया है लेकिन इसी दौरान श्रेयस अय्यर ने भी न्यूजीलैंड के खिलाफ डेब्यू किया और शतक और अर्धशतकीय पारियों के दम पर इतना काम तो कर ही दिया है कि दक्षिण अफ्रीका में टीम इंडिया अय्यर को लेने के लिए उत्सुक हो सके। ऐसे में अजिंक्य रहाणे के लिए प्लेइंग इलेवन में जगह मिलनी मुश्किल हो रही है और अगर भारत पांच विशेषज्ञ बल्लेबाजों के साथ उतरता है तो निश्चित तौर पर यह काम मुश्किल हो जाता है।
6. ऋषभ पंत-
ऋषभ पंत ब्रेक के बाद अपने आपको तरोताजा महसूस कर रहे होंगे और भारत का यह विकेटकीपर पहली बार अपने निशान छोड़ने के लिए तत्पर होगा। पंत तेजी से मैच पलटने वाला खिलाड़ी माना जाता है लेकिन विदेशी दौरों पर हर बार वह ऐसा नहीं कर पाते। उन्होंने इंग्लैंड में संघर्ष किया था और अगर यहां पर उनको कगिसो रबाडा जैसे तेज गेंदबाज का सामना करना है तो पहले कुछ समय पिच को समझने में बिताना होगा और उसके बाद अपना गेम खेलना होगा।

नंबर 7 पर अहम होगी अश्विन की बैटिंग-
7. रविचंद्रन अश्विन-
रविंद्र जडेजा चोटिल होने के चलते इस सीरीज में नहीं खेल रही है तो भारत के स्टार ऑफ स्पिनर को जगह मिलनी तय है। केएल राहुल शुक्रवार को प्रेस कांफ्रेंस में भी यह संकेत दे चुके हैं कि अश्विन की बल्लेबाजी नंबर 7 पर टीम के लिए उतनी ही महत्वपूर्ण है। अश्विन अब कहीं अधिक परिपक्व बॉलर बन चुके हैं।
8. मोहम्मद शमी-
मोहम्मद शमी दक्षिण अफ्रीकी कंडीशन में भारत के लिए तुरुप का इक्का साबित हो सकते हैं। वह अपने करियर के शानदार दौर से गुजरते रहे हैं और उन्होंने 2018-19 में पिछला दक्षिण अफ्रीका दौरा भी काफी सफलतापूर्वक संपन्न किया था और टीम की एकमात्र टेस्ट विजय में मैच विनिंग परफॉर्मेंस दी थी।

पेस अटैक-
9. ईशांत शर्मा-
ईशांत शर्मा पहले जैसे गेंदबाज नहीं है लेकिन उनके पास काफी अनुभव है और विराट कोहली चाहेंगे कि ईशांत अपने एक्सपीरियंस को झौंकते हुए दक्षिण अफ्रीका की पिचों पर अपनी गेंदबाजी में कुछ जान डाल दें। हालांकि इस बात में भी कोई शक नहीं है कि इशांत शर्मा अपने करियर की संध्या पर पहुंच चुके हैं।
10. जसप्रीत बुमराह
दाएं हाथ का यह तेज गेंदबाज भारत के लिए सबसे घातक हथियार साबित होगा। बुमराह ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ पिछले दौरे पर अपना टेस्ट डेब्यू किया था और बहुत बेहतरीन परफॉर्मेंस दी थी। उसके बाद से बुमराह काफी लंबा सफर तय कर चुके हैं और भारतीय तेज गेंदबाजी के लीडर भी बन चुके हैं अब उनसे पहले से कहीं अधिक उम्मीदें हैं।
11. मोहम्मद सिराज-
मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी को प्लेइंग इलेवन से बाहर रखना काफी मुश्किल है, खासकर ओवरसीज परिस्थितियों में आपको इस खिलाड़ी की लगातार गेंदबाजी करने की क्षमता काफी मदद कर सकती है। सिराज लगातार गेंदबाजी कर सकते हैं और भारत के अनुभवी पेस अटैक में एक युवा तेज गेंदबाज का होना भी अच्छी बात रहेगी।


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