
निराशावादी सोच
डेली मेल को दिए इंटरव्यू में केविन पीटरसन ने कहा कि अगर मुख्य कोच विलाप करेंगे और शिकायत करेंगे तो यह ठीक नहीं है और मैनें कभी भी ऐसा निराशावादी रवैया नहीं देखा। उन्हें मौजूदा दिक्कतों को दूर करने की जरूरत है। अगर आप किसी दूसरे पर एक उंगली उठाएंगे तो चार उंगली आपके ऊपर ही उठेगी, इंग्लैंड को यह जरूर याद रखना चाहि। इस टेस्ट मैच में हार के बाद अगर मैं होता तो कहता कि आप जानते हैं कि मैंने खराब खेल खेला, मेरे पास एक हफ्ता है और अच्छा अभ्यास करूंगा और अगले टेस्ट मैच को जीतने की हर संभव कोशिश करूंगा क्योंकि अगला टेस्ट मैच जीतना और टेस्ट सीरीज को 2-2 से ड्रॉ करना भारत को बड़ा झटका हो सकता है।

बहाना बनाने की बजाए डिफेंस पर काम करें
पीटरसन ने कहा कि बजाए इसके कि नकारात्मक बात करें और निराशावादी रुख रखें, आईसीसी को पिच को लेकर आरोप लगाएं और भारत के अंक कम करने की कोशिश करें यह कतई ठीक नहीं है। इसके बजाए इंग्लैंड की टीम के 21 खिलाड़ियों ने सीधी गेंद को मिस किया, बेहतर हो कि आप अपने डिफेंस को बेहतर करें और सीधी व स्पिन गेंद को बेहतर तरह से खेलना सीखें।

क्यों फेल हुए बल्लेबाज, बताई वजह
जिस तरह से रोहित शर्मा और विराट कोहली ने बल्लेबाजी के दौरान अपनी गलती को स्वीकार किया और इस बारे में बात की, दोनों ने कहा कि दोनों ही टीमों ने अच्छी बल्लेबाजी नहीं की। लिहाजा ईमानदार होने की जरूरत है। आप ईमानदार खिलाड़ी हो सकते हैं। आखिर कितने बल्लेबाज ऐसी गेंद पर आउट हुए जहां गेंद बाउंस हो रही थी या फिर घूम रही थी और खेलने लायक नहीं थी। मैं जवाब देता हूं, एक भी नहीं, ये सभी लोग सीधी गेंद पर आउट हुए, लिहाजा अच्छा हो कि आप अपने डिफेंस पर काम करें, सीधे बैट से खेलें, देर से खेलें और जो रूट की तरह बल्लेबाजी करें।


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