घंटों बैठकर क्रिकेट मैच नहीं देख सकते धोनी
नई दिल्ली, 25 मार्चः भारतीय दिवसीय क्रिकेट टीम के कोच महेंद्र सिंह धोनी घंटों बैठकर क्रिकेट मैच नहीं देख सकते यहां तक कि जब उनकी टीम मैदान में हो तब भी वह मैच नहीं देखते. हां अगर बल्ला मास्टर ब्लास्टर सचिन तेंडुकर के हाथों में हो तब धोनी की आंखे ज़रुर फील्ड पर होती हैं.
धोनी का कहना है कि वह बहुत देर तक बैठकर मैच नहीं देख सकते यहां तक कि साउथ अफ्रीका में पिछले वर्ल्ड कप के दौरान भी उन्होंने सिर्फ सचिन का मैच ही देखा था. इस विकेट कीपर बैट्समैन का यह भी कहना है कि वह ऑफ दी फील्ड क्रिकेट नहीं सीखते बल्कि खेलते हुए सीखते हैं.
धोनी कहते हैं "मैने क्रिकेट का अध्ययन नहीं किया है इसलिए इसके स्टैटिस्टिक के बारे में भी कुछ नहीं जानता, अगर आप मुझसे पूछेंगे कि किस खिलाड़ी ने कब क्या किया और कौन सा रिकॉर्ड बनाया तो मैं जवाब नहीं दे पाऊंगा". धोनी का कहना है कि उन्होंने जो कुछ भी सीखा है कि वह सब खेल के मैदान में ही सीखा है.
धोनी का मानना है कि भारत के टेस्ट कैप्टन अनिल कुंबले का कम्यूनिकेशन स्किल उनसे काफी अच्छा है और उन्हें अभी कुछ बातें अनिल से सीखनी बाकी है.
धोनी ने कहा कि अनिल एक बेहद अच्छे इंसान हैं वह टीम का नेतृत्व बहुत अच्छी तरह और सामने रहकर करते हैं वह जब भी फील्ड पर होते हैं तो सिर्फ जीत के बारे में सोचते हैं. यहां तक कि जब विपक्षी टीम को जीत के लिए 55 गेंदों में सिर्फ एक रन लेना हो तब भी वह बल्लेबाज़ को आउट करने के बारे में सोचते हैं. वह आसानी से हार मानने वालों में से नहीं हैं.
धोनी के अनुसार अनिल और उनमें काफी समानताएं हैं लेकिन अनिल की कम्यूनिकेशन स्किल काफी अच्छी है जो उन्हें सीखना बाकी है.
धोनी का कहना है कि वह बहुत देर तक बैठकर मैच नहीं देख सकते यहां तक कि साउथ अफ्रीका में पिछले वर्ल्ड कप के दौरान भी उन्होंने सिर्फ सचिन का मैच ही देखा था. इस विकेट कीपर बैट्समैन का यह भी कहना है कि वह ऑफ दी फील्ड क्रिकेट नहीं सीखते बल्कि खेलते हुए सीखते हैं.
धोनी कहते हैं "मैने क्रिकेट का अध्ययन नहीं किया है इसलिए इसके स्टैटिस्टिक के बारे में भी कुछ नहीं जानता, अगर आप मुझसे पूछेंगे कि किस खिलाड़ी ने कब क्या किया और कौन सा रिकॉर्ड बनाया तो मैं जवाब नहीं दे पाऊंगा". धोनी का कहना है कि उन्होंने जो कुछ भी सीखा है कि वह सब खेल के मैदान में ही सीखा है.
धोनी का मानना है कि भारत के टेस्ट कैप्टन अनिल कुंबले का कम्यूनिकेशन स्किल उनसे काफी अच्छा है और उन्हें अभी कुछ बातें अनिल से सीखनी बाकी है.
धोनी ने कहा कि अनिल एक बेहद अच्छे इंसान हैं वह टीम का नेतृत्व बहुत अच्छी तरह और सामने रहकर करते हैं वह जब भी फील्ड पर होते हैं तो सिर्फ जीत के बारे में सोचते हैं. यहां तक कि जब विपक्षी टीम को जीत के लिए 55 गेंदों में सिर्फ एक रन लेना हो तब भी वह बल्लेबाज़ को आउट करने के बारे में सोचते हैं. वह आसानी से हार मानने वालों में से नहीं हैं.
धोनी के अनुसार अनिल और उनमें काफी समानताएं हैं लेकिन अनिल की कम्यूनिकेशन स्किल काफी अच्छी है जो उन्हें सीखना बाकी है.
Story first published: Tuesday, November 14, 2017, 12:19 [IST]
Other articles published on Nov 14, 2017
Log in for Better Reading Experience!
By signing in, you agree to our Terms and Privacy Policy
Gender
Select your Gender
- Male
- Female
- Others
Age
Select your Age Range
- Under 18
- 18 to 25
- 26 to 35
- 36 to 45
- 45 to 55
- 55+


Click it and Unblock the Notifications
