INDvNZ: न्यूजीलैंड में आया ये 1 बदलाव भारत को बना देगा सीरीज का सिकंदर: सचिन तेंदुलकर
नई दिल्ली। भारत और न्यूजीलैंड के बीच 24 जनवरी से शुरु हो रही 5 मैचों की टी20 सीरीज के लिये विराट सेना मंगलवार को ऑकलैंड पहुंच गई है। भारत को न्यूजीलैंड में अच्छा खासा वक्त गुजारना है और इस दौरान 5 टी20, 3 वनडे और 2 टेस्ट मैच खेलने हैं। भारतीय समयानुसार जहां टी20 मैच दोपहर 12:30 बजे से खेले जायेंगे वहीं वनडे मैचों की शुरुआत सुबह 7 बजे से होगी। टाइम जोन में अंतर होने के चलते टेस्ट मैच सुबह 4 बजे से खेले जायेंगे।
भारतीय फैंस और क्रिकेटर्स के लिये चुनौती मानी जा रही इस सीरीज को लेकर सभी को उम्मीदें है कि अबकी बार भारतीय टीम कीवी टीम को उसके घर में हराने में कामयाब रहेगा। खास तौर से टेस्ट क्रिकेट में।
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भारतीय टीम के महान बल्लेबाज मास्टर-ब्लास्टर सचिन तेंदुलकर का भी यही मानना है कि इस बार विराट कोहली के नेतृत्व में भारतीय न्यूजीलैंड को उसके घर में हरायेगी। 1990 से 2009 तक 5 बार न्यूजीलैंड का दौरा करने वाले सचिन तेंदुलकर का मानना है कि उनके समय से लेकर अब तक यहां कि पिचों का व्यवहार काफी बदल गया है जिसके चलते यह पिच बल्लेबाजी के लिये ज्यादा अनुकूल हो गई है और भारतीय टीम के पास वो क्षमता है जिससे वो न्यूजीलैंड को हरा सकते हैं।
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बदल गया है न्यूजीलैंड की पिचों का मिजाज
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि जब वह पहली बार न्यूजीलैंड दौरे पर गये थे तो वहां कि पिच तेज गेंदबाजों को काफी मदद करती थी लेकिन साल 2009 में जब वह आखिरी बार वहां गये तो उनके लिये वहां रन बनाना पहले की तुलना में काफी आसान हो गया था।
सचिन तेंदुलकर ने कहा, ‘न्यू जीलैंड की पिचों में बदलाव आया है जिससे हाल के वर्ष में टेस्ट मैचों में काफी रन बने हैं।'

32 साल बाद भारत ने न्यूजीलैंड में जीती थी टेस्ट सीरीज
सचिन तेंदुलकर न्यूजीलैंड दोरे पर उस टीम का हिस्सा रह चुके हैं जिसने 2002 में ग्रीन पिच पर वनडे और टेस्ट सीरीज खेली थी और फिर 2009 में 32 साल बाद भारत को टेस्ट सीरीज में जीत दिलाई थी।
उन्होंने कहा, ‘मुझे याद है जब मैं 2009 में वहां खेला था, हैमिल्टन की पिच का नेचर दूसरी पिचों से अलग था। दूसरी पिचें (वेलिंग्टन और नेपियर) सख्त थी लेकिन हैमिल्टन की नहीं। वह नरम थी। समय बीतने के साथ नेपियर की पिच सख्त हो गई (गौतम गंभीर ने यहां 2009 में 12 घंटे से ज्यादा देर तक बल्लेबाजी करते हुए शतक लगाकर मैच बचाया था)। मुझे लगा कि मेरे पहले दौरे के मुकाबले (1990 से 2009) पिचें सख्त हो गईं।'

भारत के पास है शानदार बॉलिंग अटैक
सचिन तेंदुलकर ने कहा कि न्यूजीलैंड दौरे पर हमारे पास शानदार पेस और स्पिन अटैक है। हालांकि हमें वेलिंग्टन में हवा के असर की चुनौती से निपटने के लिये तैयार रहना होगा।
सचिन ने कहा,'हमारी टीम के पास तेज और स्पिन गेंदबाजों का शानदार कॉम्बिनेशन है जो कि न्यूजीलैंड को कड़ी टक्कर देने की पूरी क्षमता रखती है। हालांकि वेलिंग्टन में थोड़ी चुनौती हो सकती है। जब मैं वहां खेलता था उस वक्त अगर आप हवा के साथ या हवा के उलट दिशा से गेंदबाजी कर रहे हैं तो इससे बहुत फर्क पड़ता है। बल्लेबाज को इस बात के बात को लेकर सावधान होना चाहिए कि वह किस छोर पर आक्रमण करना चाहता है, यह बहुत महत्वपूर्ण है।'

स्पिन गेंदबाजों को सचिन की स्मार्ट सलाह
सचिन तेंदुलकर ने हवा की चुनौती से निपटने के लिये स्पिन गेंदबाजों को स्मार्ट सलाह दी और कहा कि स्पिनर बल्लेबाजों को उस छोर से गेंदबाजी करे जिस दिशा से हवा उनकी ओर आ रही हो।
उन्होंने कहा, ‘हवा की विपरीत दिशा से गेंदबाजी करने वाले तेज गेंदबाजों को होशियारी से काम लेना होगा। अगर हवा की गति तेज रही तो मैं चाहूंगा कि उसके विपरीत छोर से स्पिनर गेंदबाजी करें और पेसर हवा के साथ गेंदबाजी करे।'
सचिन ने कहा, 'अलग-अलग परिस्थितियों में पारी का अगाज करना चुनौतीपूर्ण होगा। मुझे लगता है रोहित ने न्यू जीलैंड में एकदिवसीय में पारी का आगाज किया है और वह कई बार वहां खेले हैं। उन्हें वहां की परिस्थितियों के बारे में पता है लेकिन टेस्ट क्रिकेट की अपनी चुनौती होती है।'
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