ऐसा माना जा रहा है की आगामी इस टेस्ट मुकाबले में भारतीय टीम के लिए इस सीरीज पर कब्जा करने का एक सुनहरा अवसर है। इस वक्त स्टीव स्मिथ और डेविड वार्नर भी टीम का हिस्सा नहीं है। ऐसे में भारत गुलाबी गेंद के साथ डे नाइट मैच नहीं खेलेगा। सामान्यता गुलाबी गेंद रोशनी के प्रभाव में आने से स्विंग करती है जिससे की विकेट गिरने की संभावना बढ़ जाती है और ऑस्ट्रेलिया के पास अब भी मिशेल स्टार्क, जोसेफ हेजलबुड जैसे तेज गेंदबाज हैं, ऐसे में भारत को डे नाइट टेस्ट खेलना उचित नहीं होगा।
विश्वकप पर रहेगा फोकसः टीम मैनेजमेंट ने साफतौर पर कहा है की अगले ही साल विश्वकप होने वाला है ऐसे में भारत किसी भी तरह के नए प्रयोग से खुद को बचाना चाहेगा। अभी भारतीय खिलाड़ी लाल गेंद से ही अपना खेल जारी रखेंगे,हालांकि बता दें की अक्टूबर में होने वाले वेस्टइंडीज से टेस्ट मुकाबले में एक मैच गुलाबी गेंद से खेला जाना है। पिछले हफ्ते इसपर चर्चा करते हुए अमिताभ चौधरी ने कहा की जब बोर्ड ने यह निर्णय लिया था तब उसपर किसी ने असहमति नहीं दिखाई थी, सभी क्रिकेटरों कोच रविशास्त्री के निर्णय के बाद संभवता दो में से एक टेस्ट मैच वेस्टइंडीज के साथ खेला जाएगा।