
नहीं है बॉलर्स की फिटनेस की चिंता
उन्होंने कहा,'मैं गेंदबाजों के बारे में चिंतित नहीं हूं क्योंकि उनके पास पिछले दो महीनों से काफी समय था। जिसमें वे अपनी मजबूती और अपनी फिटनेस पर काम कर रहे थे। बहुत कम होता है कि एक इंटरनेशनल क्रिकेटर को विशेषकर हमारे गेंदबाजों को फिटनेस पर काम करने के लिए इस तरह का समय मिले। उनके लिए मामूली चोटों से उबरने का शानदार मौका था।'

अंतर्राष्ट्रीय मैच से पहले हो घरेलू टूर्नामेंट का आयोजन
वहीं भारतीय क्रिकेट टीम के मैदान पर किसी टूर्नामेंट के लिये वापसी पर गेंदबाजी कोच का मानना है कि खिलाड़ियों को अंतर्राष्ट्रीय क्रिकेट में शिरकत करने से पहले किसी घरेलू टूर्नामेंट में भाग लेना चाहिये।
उन्होंने कहा,' खिलाड़ियों को कम से कम डेढ़ महीना मैच फिटनेस हासिल करने में लगेगा और उनके इंटरनेशनल क्रिकेट में खेलना शुरू करने से पहले बीसीसीआई एक टूर्नामेंट को आयोजित करा दे तो अच्छा होगा। हमें इंटरनेशनल क्रिकेट मैच खेलने के लिए अभी भी कम से कम छह से आठ हफ्ते लगेंगे। इस दौरान हम पहले कौशल पर काम करेंगे। और शिविर में फिटनेस पर ध्यान दिया जाएगा। जिसके बाद हम मैच की परिस्थितियों के अनुसार अभ्यास कर प्रगति करेंगे। उम्मीद करते हैं कि बीसीसीआई हमारे इंटरनेशनल मैच खेलने से पहले एक टूर्नामेंट कराएं। जो हमारे लिए शानदार होगा।'

अपने होमटाउन में खिलाड़ी करें प्रैक्टिस
गौरतलब है कि भारतीय क्रिकेट टीम लॉकडाउन 5 में मिली ढील को ध्यान में रखते हुए अपने होमटाउन में प्रैक्टिस करने में जुटी हुई है।
इसको लेकर भारत के गेंदबाजी कोच भरत अरुण ने फैनकोड लॉकडाउन बट नॉट आउट में कहा ,'आशिंक रूप से लॉकडाउन हट गया है लेकिन अंतर राज्यीय यात्रा में समस्या होगी। खिलाड़ियों को अब अपने शहर के उपलब्ध मैदानों को दौड़ाने के लिए इस्तेमाल करना होगा और इसके साथ वे कौशल निखारना भी इसमें शामिल कर सकता है।'


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