मुंबई। इस साल चीन के गुआंगझोउ शहर में होने वाले एशियाई खेलों में भारतीय क्रिकेट टीम हिस्सा नहीं लेगी। असल में भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने खुद टूर्नामेंट में खेलने से इंकार कर दिया है।
पहली बार एशियाई खेलों में ट्वेंटी-20 क्रिकेट को शामिल किया जा रहा है और भारतीय टीम उसमें हिस्सा नहीं ले रही है। इस संबंध में मंगलवार को एक बैठक के बाद बीसीसीआई ने कहा कि वह 12 से 27 नवंबर तक होने वाले एशियाई खेलों के लिए अपनी पुरुष और महिला टीमों को चीन नहीं भेजेगा। पुरुष टीम को नवंबर में न्यूजीलैंड की मेजबानी करनी है।
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मुख्य प्रशासनिक अधिकारी रत्नाकर शेट्टी के मुताबिक बीसीसीआई पुरुष और महिला टीमों को चीन भेजने की स्थिति में नहीं हैं। अंतर्राष्ट्रीय व्यस्तताएं हमारे आड़े आ रही हैं। हमने इस संबंध में भारतीय ओलंपिक संघ को जानकारी दे दी है।" यही नहीं विश्व डोपिंग निरोधी इकाई (वाडा) के विवादास्पद 'ठिकाना बताओ नियम' के कारण भी भारतीय क्रिकेट टीमों का एशियाई खेलों जैसे आयोजनों में हिस्सा लेना मुश्किल लग रहा है।
भारतीय क्रिकेट खिलाड़ियों ने वाडा के इस नियम को लेकर करार पर हस्ताक्षर करने से मना कर दिया था, जबकि बीसीसीआई ने अपने खिलाड़ियों का समर्थन करते हुए इस नियम को गोपनीयता भंग करने वाला करार दिया था।
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टीम इंडिया के इस इंकार के बाद एशियाई खेलों में अब पाकिस्तान, श्रीलंका और बांग्लादेश की टीमें ही बची हैं। खास बात यह है सभी क्रिकेट देशों द्वारा अपनी-अपनी श्रेष्ठ टीमों को खेलने के लिए भेजने के वादे के बाद ही एशियाई ओलंपिक संघ ने इन खेलों में क्रिकेट को शामिल किया है।
इस लिहाज से हो सकता है कि श्रीलंका और पाकिस्तान भी अपनी टीमें चीन भेंजने से इंकार कर दें। इन टीमों के कार्यक्रम भी काफी व्यस्त हैं। पाकिस्तान को 25 अक्टूबर से 25 नवंबर के बीच दक्षिण अफ्रीका के साथ टेस्ट तथा एकदिवसीय श्रृंखला खेलनी है जबकि उस दौरान श्रीलंकाई टीम वेस्टइंडीज की मेजबानी करेगी।