नई दिल्ली। फिटनेस के मामले में टीम इंडिया ने नए मानक स्थापित किए हैं। पिछले काफी समय से हर क्रिकेटर्स की फिटनेस टीम इंडिया में उसके चयन में अहम भूमिका निभा रही है। गौरतलब है कि भारतीय टीम में चयन से पहले हर खिलाड़ी को यो-यो टेस्ट पास करना होता है। जिसके बाद ही उसके चयन के बारे में सोचा जाता है। अब भारतीय खिलाड़ियों की फिटनेस का एक नया अध्याय शुरू होने जा रहा है।
दरअसल भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (BCCI) इंडियन क्रिकेट टीम के मेंबर्स की फिटनेस को लेकर किसी तरह का कॉम्प्रोमाइस नहीं करना चाहता है। टीम इंडिया के फिटनेस लेवल को और ज्यादा आगे ले जाने के लिए बोर्ड अब टीम मेंबर्स का DNA टेस्ट करा रहा है। इस टेस्ट के जरिए हर खिलाड़ी की जेनेटिक डाटा का पता चलेगा, जिसके जरिए हर क्रिकेटर के लिए अलग प्लान बनाकर टीम की फिटनेस को सुधारा जाएगा।
मीडिया में आ रहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक बीसीसीआई खिलाड़ियों के इस टेस्ट से उनकी फिटनेस को बेहतर बनाना चाहता है। इसके जरिए क्रिकेटर्स को अपनी स्पीड इंप्रूव करने के अलावा फैट बर्न करने, रिकवरी टाइम बढ़ाने और मसल बनाने में भी हेल्प मिलेगी। बता दें कि टीम में यो-यो टेस्ट की शुरुआत करने वाले टीम इंडिया के ट्रेनर शंकर बासु के सुझाव पर ही बीसीसीआई क्रिकेटर्स का ये टेस्ट करा रही है। खबरों के मुताबिक एक सीनियर बोर्ड मेंबर ने बताया कि हर प्लेयर के DNA टेस्ट कराने पर बीसीसीआई 25 से 30 हजार रुपए खर्च करेगी।
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