नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच खेली जा रही टेस्ट सीरीज के अंतिम मैच में ओवल के मैदान भारतीय बैंकों को 9000 करोड़ का चूना लगाकर देश से फरार हुआ विजय माल्या भी नजर आया। इस दौरान माल्या के साथ कुछ और लोग भी नजर आए जिन्होंने माल्या के साथ स्टेडियम के अंदर प्रवेश किया।
स्टेडियम से बाहर आते समय पत्रकारों ने भगोड़े विजय माल्या से भारत वापसी पर सवाल किया तो उसने कहा, ' इस मामले का जज निर्णय लेंगे।'
माल्या के चेहरे पर किसी किस्म की शिकन नहीं नजर आई।मीडिया के लोगों द्वारा और सवाल पूछने पर माल्या झल्लाते हुए बोला कि मैं यहां कोई मीडिया इंटरव्यू के लिए नहीं आया हूं। इतना कहकर वह कार में बैठकर चला गया।
#WATCH: Vijay Mallya when asked if he will go back to India says, "judge will decide," outside The Oval in London's Kennington. pic.twitter.com/CmJY6YU9Um
— ANI (@ANI) September 8, 2018
बता दें कि माल्या अपने पुराने अंदाज में सफेद ट्राउजर और ब्लैक कोट पहने ,आंखों में काला चश्मा लगाए माल्या अपने ट्रेडमार्क अंदाज में स्टेडियम में प्रवेश करते हुए दिखा। वहीं उसके साथ कुछ और लोग भी नजर आए।
#WATCH: Vijay Mallya seen entering The Oval cricket ground in London's Kenington. The 5th test match between India and England is being played at the cricket ground. #England pic.twitter.com/NA3RQOKkRJ
— ANI (@ANI) September 7, 2018
गौरतलब हो कि माल्या का क्रिकेट प्रेम जगजाहिर है। आईपीएल में खेलने वाली आरसीबी उन्हीं की टीम है जिसके कप्तान मौजूदा भारतीय कप्तान विराट कोहली है। माल्या के ऊपर हजारों करोड़ रुपये के गबन का आरोप है। वहीं विजय माल्या के प्रत्यर्पण को लेकर ब्रिटेन की वेस्टमिंस्टर कोर्ट में सुनवाई भी चल रही है।
हाल ही में माल्या को उस वक्त झटका लगा था जब ब्रिटिश हाईकोर्ट ने आदेश दिया था कि अधिकारी लंदन स्थित माल्या की संपत्तियों की जांच और जब्ती कर सकते हैं। बता दें कि माल्या को लेकर भारत सरकार भी उनपर शिकंजा कसने की लगातार कोशिश कर रही है।
इससे पहले माल्या का कहना था कि वह बैंक डिफॉल्ट का 'पोस्टर ब्वॉय' और लोगों के गुस्से का कारण बन गया है।माल्या ने कहा था, 'मुझ पर राजनेता और मीडिया 9,000 करोड़ रुपए चोरी करने और भागने का आरोप लगा रही है जबकि यह किंगफिशर एयरलाइंस को दिया हुआ कर्ज था। उधार देने वाले बैंकों ने मुझ पर जानबूझकर भुगतान नहीं करने का टैग लगा दिया है।' माल्या ने दावा किया था कि उसने भारत के प्रधानमंत्री और वित्तमंत्री को 15 अप्रैल, 2016 को पत्र लिखकर अपनी पक्ष उन लोगों को बताया था।