नई दिल्ली। भारतीय क्रिकेट के लिए बुधवार का दिन काफी शानदार रहा। भारत के युवा बल्लेबाज पृथ्वी शॉ ने अपने पहले ही टेस्ट मैच में शतक जड़ सभी को स्तब्ध कर दिया।
पृथ्वी की इस पारी के बाद उनकी तुलना भारत के कई दिग्गजों से की जाने लगी। किसी ने उन्हें दूसरा सचिन तेंदुलकर बता दिया तो किसी ने भारत का नया क्रिकेट अध्याय लिखने वाला बता दिया।
18 वर्षीय शॉ ने अपना पहला शतक केवल 99 गेंदों पर बनाया जिसके बाद उनकी तुलाना वीरेंद्र सहवाग से की जाने लगी। उनके खेल के अंदाज ने वीवीएस लक्षमण और सुरेश रैना सहित कई लोगों को वीरेंद्र सहवाग की याद दिला दी, जो खुद तेजी से रन बनाते थे। सहवाग ने भी अपने डेब्यू टेस्ट में शतक लगाया था।
शॉ ने मैच में 154 गेंदों पर 134 रन बनाकर मोहम्मद अजहरुद्दीन, लाला अमरनाथ, सौरभ गांगुली, शिखर धवन, सुरेश रैना और सहवाग जैसे दिग्गजों की सूची में शामिल हो गए हैं जिन्होंने अपने पदार्पण टेस्ट में शतक बनाया था।
इस पारी के बाद पृथ्वी की तुलना सहवाग से करने पर भारत के पूर्व कप्तान सौरव गांगुली ने ऐतराज जताया।
सौरव ने कहा कि वीरेंद्र सहवाग जीनियस थे और किसी भी मैदान पर रन बनाने में सक्षम थे। पृथ्वी की इतनी जल्द तुलना जल्दबाजी होगी। पृथ्वी को थोड़ा और समय देना चाहिए ।मुझे विश्वास हैं कि वे ऑस्ट्रेलिया, इंग्लैंड और दक्षिण अफ्रीका में रन बनाएंगे।
लक्ष्मण और रैना ने की थी तुलना:
सुरेश रैना ने कहा कि"पृथ्वी ने बहुत अच्छी बल्लेबाजी की। उन्होंने मुझे वीरू (सहवाग) की याद दी है। पृथ्वी ने बिल्कुल निडर होकर अपना खेल खेला। वहीं, वीवीएस लक्ष्मण ने कहा कि पृथ्वी की बैटिंग देखकर कहा जा सकता है कि देश को नया सहवाग मिल गया है। पृथ्वी वीरेंद्र सहवाग स्टाइल ऑफ स्कूल से निकले क्रिकेटर हैं, जो पूरी निडरता से खेलता है। वे अच्छे शॉट खेल रहे हैं
गांगुली ने की तारीफ :
गांगुली ने पृथ्वी की बल्लेबाजी की तारीफ करते हुए कहा कि बल्लेबाजी करने के लिए यह उनकी सकारात्मकता, स्वभाव और जो रवैया है वह शानदार है। अंडर-19 विश्वकप खेलना और भारत के लिए टेस्ट मैच खेलना पूरी तरह से अलग है। मैंने आज जो देखा वह आंखों को सकून देने वाला था। मुझे उम्मीद है कि वह भारत के लिए लंबे समय तक खेल सकते हैं।