किंग्स एलेवन पंजाब और राजस्थान रॉयल्स की टीमों को बीसीसीआई पहले ही हटा चुकी है
भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) ने इंडियन प्रीमियर लीग की कोच्चि टीम के बारे में अपना फ़ैसला पाँच दिसंबर तक के लिए टाल दिया है.
इस बारे में आईपीएल गवर्निंग काउंसिल को नागपुर में रविवार को हुई बैठक में फ़ैसला करना था लेकिन बैठक के बाद घोषणा की गई कि कोच्चि आईपीएल के मालिकों को आम सहमति बनाने के लिए और समय दिया जा रहा है और इस मामले में अंतिम निर्णय पाँच दिसंबर को होगा.
बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने बैठक के बाद पत्रकारों को बताया, "उन्होंने (कोच्चि आईपीएल) अपने मिलकियत के बारे में जानकारी दी है. हमारे क़ानूनी विशेषज्ञ इस बारे में दस्तावेज़ों का अध्ययन करेंगे. निवेशकों के साथ कोई चर्चा नहीं हुई है क्योंकि हम कोई क़ानूनी विशेषज्ञ नहीं हैं. बीसीसीआई मुंबई में पाँच दिसंबर को फ़ैसला करेगी."
इससे पहले कोच्चि आईपीएल को अंदरूनी मसले निबटाने के लिए अंतिम तौर पर 30 दिनों का नोटिस दिया गया था.
इससे पहले बीसीसीआई के अध्यक्ष शशांक मनोहर ने आईपीएल की प्रशासकीय परिषद की बैठक के बाद कहा था, "गवर्निंग काउंसिल ने रॉन्देवू और अन्य निवेशकों के जवाब पर चर्चा की और हमें लगा कि अभी मतभेद बरक़रार हैं इसलिए काउंसिल ने उन्हें 30 दिन का नोटिस दिया है."
मनोहर ने उस समय कहा था कि 'यदि इस समयावधि में कोच्चि की टीम ने सारे मसले नहीं सुलझाए तो 31वें दिन टीम का कॉन्ट्रैक्ट रद्द हो जाएगा.'
इस फ़ैसले के बाद बीबीसी के खेल संपादक मुकेश शर्मा से बात करते हुए कोच्चि की टीम में प्रमुख शेयर रखने वाले रॉन्देवू स्पोर्ट्स वर्ल्ड के सत्यजीत गायकवाड़ ने कहा था , "हमें बहुत ख़ुशी है कि बीसीसीआई ने हमारे बारे में सकारात्मक रूप से सोचा है. हमारे पास समय है कि हम बीसीसीआई की अपेक्षाओं पर खरे उतरें. हम अपनी फ्री इक्विटी 25 से दस प्रतिशत कर सकते हैं, लेकिन अपना शेयर 25 प्रतिशत से कम नहीं कर सकते."
बीसीसीआई पहले ही कह चुका है कि कोच्चि फ़्रेंचाइज़ी का मामला राजस्थान रॉयल्स या किंग्स एलेवन पंजाब जैसा नहीं है जो सुलझाया नहीं जा सके इसलिए उन्हें समय समझौते के तहत ही दिया गया है.